सागर जिले में इस समय नौतपा के दौरान भीषण गर्मी का दौर जारी है। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गुरुवार को जिले में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में नौतपा के दौरान पहली बार दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 30.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
दिन के साथ-साथ रातें भी अब बेहद गर्म और बेचैन कर देने वाली हो गई हैं। आमतौर पर रात के समय जो हल्की ठंडक या राहत महसूस होती है, वह इस समय पूरी तरह गायब है। गर्म हवाओं और उमस के कारण लोग दिनभर तो परेशान हैं ही, रात में भी चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं। घरों के भीतर भी गर्मी का असर कम नहीं हो रहा है, जिससे कूलर और पंखे भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
इसी बीच आसमान में बादलों की आवाजाही ने मौसम को और अधिक असहज बना दिया है। दिन में तेज धूप और शाम होते-होते बादलों की मौजूदगी के कारण उमस काफी बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया है। गर्मी और नमी के इस मिश्रण ने वातावरण को भारी और दमघोंटू बना दिया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

गुरुवार को दिनभर सागर में झुलसाने वाली धूप देखने को मिली। सुबह से ही सूर्य की किरणें तीखी हो गई थीं और दोपहर होते-होते तापमान अपने चरम पर पहुंच गया। इस दौरान सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आई, क्योंकि लोग घरों में ही रहने को मजबूर रहे। गर्मी के कारण बाजारों में भी अपेक्षाकृत सन्नाटा देखा गया और जरूरी काम होने पर ही लोग बाहर निकले।
शाम के समय आसमान में बादलों की हल्की आवाजाही शुरू हुई, जिससे कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। हालांकि यह बारिश बहुत अधिक प्रभावी नहीं रही, लेकिन इससे मौसम में हल्की नमी जरूर बढ़ गई। इसके बावजूद गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल सकी।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में सागर जिले में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने संभावना जताई है कि इस दौरान आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश भी हो सकती है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण देखने को मिल रहा है, जिसका असर आगामी 31 मई तक बना रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सिस्टम के सक्रिय होने से क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां भी शुरू हो सकती हैं। इसके चलते तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। हालांकि उमस का असर अभी भी बना रह सकता है, जब तक कि अच्छी बारिश नहीं होती।
भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतें और इस समय धूप में निकलने से बचें। इस अवधि में सूर्य की किरणें सबसे अधिक तीव्र होती हैं और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।

एडवाइजरी में यह भी सलाह दी गई है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, भले ही प्यास महसूस न हो रही हो। घर से बाहर निकलते समय हमेशा पीने का पानी साथ रखें। इसके अलावा ओआरएस का घोल, छाछ, नींबू पानी, लस्सी और आम पना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।
गर्मी से बचाव के लिए हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनने की भी सलाह दी गई है। धूप में निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढककर रखने को कहा गया है। साथ ही उच्च जल सामग्री वाले फल और सब्जियों का सेवन करने की भी सिफारिश की गई है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए और यदि बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें। भोजन हल्का और ताजा होना चाहिए तथा घर से बाहर निकलने से पहले भरपेट भोजन करना भी जरूरी बताया गया है।
इस प्रकार सागर जिला इस समय नौतपा की भीषण गर्मी और उमस के बीच जूझ रहा है, हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना कुछ राहत की उम्मीद जरूर जगा रही है।