बंडा नगर में गुरुवार को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जन्म जयंती बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पाल बघेल समाज द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे नगर में दिनभर जयंती को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और जगह-जगह श्रद्धा एवं सम्मान का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम के तहत शाम करीब 4 बजे मंडी परिसर से भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बैंड-बाजों, जयघोष और आकर्षक झांकियों के साथ शोभायात्रा आगे बढ़ी। झांकियों में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन, उनके सामाजिक सुधारों, धार्मिक कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियों को दर्शाया गया, जिसे देखकर लोग भावविभोर हो उठे।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए। सभी ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। यात्रा के दौरान लगातार “लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अमर रहें” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायक बन गया।
यह शोभायात्रा मंडी परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई निकाली गई। यात्रा बरा चौराहा, शांति नगर, बस स्टैंड, झंडा चौक, बरायठा तिराहा, रेस्ट हाउस और राधे आश्रम मार्ग से गुजरते हुए पुनः मंडी परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में नगरवासियों ने शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धा व्यक्त की और शोभायात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया।

नगर में शोभायात्रा के दौरान लोगों का उत्साह देखने लायक था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस ऐतिहासिक अवसर में भागीदारी निभाई। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। जगह-जगह मंच सजाकर स्वागत किया गया और जलपान की व्यवस्था भी की गई।
शोभायात्रा के दौरान पाल बघेल समाज के पदाधिकारियों ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल में न्याय, धर्म, सेवा और जनकल्याण को सर्वोपरि रखा। उन्होंने समाज को एक नई दिशा दी और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की। उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस व्यवस्था भी पूरी तरह मुस्तैद रही। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सका। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखी गई और पूरा आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर मंडी परिसर में समाजजनों ने एकत्र होकर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज में एकता, संगठन और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
पूरे बंडा नगर में दिनभर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती को लेकर उत्सव का माहौल बना रहा और यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर सामने आया।