शाहपुर नगर में रीवा कलेक्ट्रेट के सामने हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल आर्यिका उपशममति एवं आर्यिका श्रुतमति माताजी के समाधिस्थ होने पर गहरा शोक व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, दोनों माताजी को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उन्होंने समाधि ले ली। इस घटना से जैन समाज सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना के बाद शाहपुर नगर के दिगंबर जैन मंदिर में समाजजनों ने एकत्र होकर दोनों माताजी को विनयांजलि अर्पित की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके आध्यात्मिक जीवन और तपस्या को याद किया। मंदिर परिसर में वातावरण पूर्णतः शोकमय हो गया और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
समाज के लोगों ने इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया। वक्ताओं ने कहा कि दोनों आर्यिकाओं का जीवन धर्म, साधना और संयम के मार्ग पर समर्पित था, और उनका अचानक इस प्रकार समाधिस्थ होना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
घटना के बाद जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस चौकी पहुंचकर एसआई को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हादसे के जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों की मांग भी की गई।

प्रतिनिधियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए ताकि निर्दोष लोग इस प्रकार की दुर्घटनाओं का शिकार न हों। समाज ने प्रशासन से त्वरित जांच कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की है।
इस दौरान समाज के प्रमुख सदस्य चंद्र कुमार बड़कुल, विकास जैन, मनोज जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
पूरे शाहपुर नगर में इस घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है। दिगंबर जैन समाज के लोगों ने कहा कि दोनों माताजी का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायक था और उनकी शिक्षाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। अंत में सभी ने मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।