मध्यप्रदेश बना देश में गेहूं खरीदी का नंबर-1 राज्य: CM डॉ. मोहन यादव बोले- किसान कल्याण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध !

Spread the love

डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों और आमजन को बधाई देते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक किसानों से गेहूं खरीदकर नया रिकॉर्ड बनाया है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के अन्नदाताओं की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी किसानों के हित में लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में मिला यह परिणाम प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मध्यप्रदेश ने तोड़े अपने सभी रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने इस बार 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी कर अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीदी के दौरान सर्वाधिक किसानों की भागीदारी के मामले में भी मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य ने सबसे लंबे समय तक गेहूं खरीदी की व्यवस्था जारी रखी, तो वह भी मध्यप्रदेश ही है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिली और समर्थन मूल्य का लाभ समय पर प्राप्त हुआ।

“पंजाब के बाद उत्पादन में मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश देश में पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विपुल मात्रा में गेहूं उत्पादन होने के बावजूद सरकार ने व्यवस्थित तरीके से खरीदी कर किसानों को राहत पहुंचाई।

उन्होंने कहा कि जब वह प्रदेश की उपलब्धियों को देखते हैं, तो यह संतोष होता है कि मध्यप्रदेश लगातार कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

पहली बार छोटे किसानों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सरकार ने पहली बार लघु और मध्यम श्रेणी के किसानों से प्राथमिकता के आधार पर गेहूं खरीदने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि छोटे किसानों से लगभग 32.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई।

सरकार का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ देना था।

लगभग 14 लाख किसानों से खरीदी

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बार करीब पौने 14 लाख किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया। जिन किसानों ने पंजीयन कराया था, उनका गेहूं खरीदी केंद्रों से सीधे गोदामों तक पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों के खातों में पहुंचे 24 हजार करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गेहूं खरीदी के एवज में किसानों को 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी गई है।

उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने किसानों से 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा।

यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लिया गया था।

वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद खरीदी जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा गया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने हर चुनौती के बीच किसानों की फसल की खरीदी सुनिश्चित की और प्रदेश के अन्नदाताओं का भरोसा मजबूत किया।

MSP बढ़ेगी, किसान कल्याण के काम होंगे तेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लगातार बढ़ेगा और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों को और गति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर गेहूं उत्पादन होना सौभाग्य की बात है और सरकार किसानों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि क्षेत्र में मजबूत हो रहा मध्यप्रदेश

विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यप्रदेश पिछले कुछ वर्षों में कृषि उत्पादन और सरकारी खरीदी दोनों क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ा है। गेहूं उत्पादन, सिंचाई सुविधाओं और समर्थन मूल्य खरीदी के बेहतर प्रबंधन के कारण प्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल हो चुका है।

सरकार का दावा है कि किसान हितैषी योजनाओं, बोनस राशि और समय पर भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *