Sagar Smart City Limited के तहत चल रहे शहरी विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्टर एवं स्मार्ट सिटी अध्यक्ष प्रतिभा पाल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित बैठक में की। इस दौरान निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ राजकुमार खत्री सहित इंजीनियर्स, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का निरीक्षण किया और शहर में संचालित विभिन्न सेवाओं की मॉनीटरिंग व्यवस्था की विस्तार से जानकारी ली।
ICCC से ट्रैफिक, स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था की निगरानी
कलेक्टर ने कंट्रोल सेंटर में ट्रैफिक पुलिस, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं की डिजिटल मॉनीटरिंग व्यवस्था को देखा।

उन्होंने विशेष रूप से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों की GPS ट्रैकिंग प्रणाली का निरीक्षण किया। नगर निगम की अनुबंधित एजेंसी रैमकी द्वारा उपयोग किए जा रहे मॉनीटरिंग सॉफ्टवेयर के जरिए वाहनों की लोकेशन, समय पर पहुंचने और वापस स्टॉप पॉइंट तक लौटने की रिपोर्ट का अवलोकन किया गया।
समय पर कचरा संग्रहण के निर्देश
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों से पूछा कि क्या कचरा वाहन तय समय पर गली-मोहल्लों तक पहुंच रहे हैं और देरी होने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि ICCC के माध्यम से वाहनों की लगातार मॉनीटरिंग की जाती है और निर्धारित रूट से भटकने या देरी होने पर तुरंत सूचना देकर सुधार कराया जाता है।
कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से संचालित होनी चाहिए।

लाखा बंजारा झील परियोजना की सराहना
बैठक में कलेक्टर ने लाखा बंजारा झील के कायाकल्प कार्य की विशेष सराहना की।
उन्होंने कहा कि वर्षों से इस ऐतिहासिक झील की सफाई और सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इसे व्यवस्थित रूप से पूरा किया गया।
कलेक्टर ने कहा कि आज झील का स्वरूप शहरवासियों और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है तथा इससे पर्यावरणीय सुधार भी देखने को मिला है। आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर बढ़ने के संकेत भी मिले हैं।
जल संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनी झील
कलेक्टर ने झील के जल स्रोतों की जानकारी लेते हुए कहा कि कनेरादेव फीडर कैनाल और वर्षा जल के माध्यम से झील में लगातार पानी पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में वाष्पीकरण के बावजूद झील में जलस्तर बना रहना जल संरक्षण और जल स्रोत सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
नाला टैपिंग और जीरो लिक्विड वेस्ट सिटी पर जोर
प्रतिभा पाल ने झील में गंदे नालों का पानी जाने से रोकने के लिए की गई नाला टैपिंग व्यवस्था की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश के अलावा बाकी समय नाले सूखे रहने चाहिए और शहर के सभी नालों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई जाए।

कलेक्टर ने सागर को “जीरो लिक्विड वेस्ट सिटी” बनाने पर जोर देते हुए कहा कि घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार कर उसे दोबारा उपयोग में लाने की दिशा में काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान जल गंगा संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
स्ट्रीट लाइट और ऊर्जा बचत पर विशेष फोकस
बैठक में स्मार्ट रोड कॉरिडोर, स्ट्रीट लाइट परियोजना, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, पार्क विकास, स्टार्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, फूड प्लाजा, बस टर्मिनल और हेरिटेज स्थलों के कायाकल्प कार्यों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने शहर में लगाई गई LED स्ट्रीट लाइट्स की ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दिन के समय कहीं भी स्ट्रीट लाइट चालू नहीं रहनी चाहिए और समय-समय पर एनर्जी ऑडिट कर बिजली बचत का आंकलन किया जाए।
सॉफ्टवेयर से पकड़ी जा रही बिजली चोरी
स्मार्ट सिटी इंजीनियर्स ने जानकारी दी कि स्ट्रीट लाइट परियोजना में लगाए गए इलेक्ट्रिक पैनलों की मॉनीटरिंग विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जा रही है।
इस तकनीक की मदद से अनाधिकृत बिजली कनेक्शन और अतिरिक्त लोड की पहचान हो जाती है। इसके बाद बिजली विभाग के सहयोग से कार्रवाई की जाती है।

अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से बिजली चोरी और ऊर्जा अपव्यय को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है।
स्मार्ट सिटी मिशन से बदल रही सागर की तस्वीर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सागर में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि कुछ कार्य प्रगति पर हैं।
शहर में डिजिटल मॉनीटरिंग, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, आधुनिक यातायात व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए सागर को आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।