एमपी में फिर महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर: भोपाल में ₹3116, तीन महीने में ₹1300 तक बढ़े दाम, होटल-शादियों का खर्च बढ़ा !

Spread the love

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। 1 जून से लागू नई कीमतों के अनुसार प्रदेश में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 44 रुपये तक की वृद्धि की गई है। लगातार बढ़ती गैस कीमतों का सीधा असर खाद्य पदार्थों और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों के खर्च पर दिखाई देने लगा है।

राजधानी भोपाल में अब कमर्शियल सिलेंडर 3116.50 रुपये में मिलेगा। वहीं इंदौर में इसकी कीमत 3222.50 रुपये, जबलपुर में 3290 रुपये, ग्वालियर में 3338.50 रुपये और उज्जैन में 3250 रुपये हो गई है।

तीन महीने में 1300 रुपये तक बढ़े दाम

व्यापारिक संगठनों के अनुसार बीते तीन महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इस अवधि में सिलेंडर के दाम लगभग 1300 रुपये तक बढ़ चुके हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है।

व्यापारियों का कहना है कि गैस की बढ़ती कीमतें अब सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाल रही हैं। रसोई संचालन की लागत बढ़ने के कारण खाने-पीने की वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं।

भोपाल में 10 से 15 प्रतिशत तक महंगा हुआ खाना

भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडर पहले की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। इसके चलते रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को भोजन की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी है।

उन्होंने बताया कि पिछली बढ़ोतरी के बाद ही शहर में खाने की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई थी और यदि गैस के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले समय में और वृद्धि की संभावना है।

शादी समारोहों का बजट भी बिगड़ा

गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का असर विवाह समारोहों पर भी पड़ रहा है। मध्यप्रदेश टेंट कैटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार कैटरिंग सेवाओं की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

एसोसिएशन से जुड़े रामबाबू शर्मा का कहना है कि गैस की बढ़ी हुई कीमतों के कारण कैटरिंग व्यवसाय में लगभग 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त लागत जुड़ गई है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी आयोजन में 500 लोगों के भोजन का बजट पहले 5 लाख रुपये था तो अब उसमें लगभग 45 से 50 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ रहा है।

जुलाई तक 20 हजार से अधिक शादियां

प्रदेश में जून और जुलाई के दौरान विवाह समारोहों का बड़ा सीजन है। अनुमान है कि इस अवधि में 20 हजार से अधिक शादियां आयोजित होंगी। ऐसे में गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें विवाह आयोजकों, कैटरर्स और परिवारों के बजट को प्रभावित कर सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन और खाद्य सामग्री की लागत इसी प्रकार बढ़ती रही तो विवाह समारोहों के खर्च में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।

रेस्टोरेंट उद्योग पर बढ़ा दबाव

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के मध्यप्रदेश प्रमुख अभिषेक बहेती ने बताया कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में चार बार वृद्धि हो चुकी है। इससे रेस्टोरेंट उद्योग की संचालन लागत लगातार बढ़ रही है।

उनका कहना है कि गैस, बिजली, खाद्य सामग्री और अन्य संचालन खर्च पहले से ही बढ़े हुए हैं। अब कमर्शियल एलपीजी की नई कीमतों ने रेस्टोरेंट संचालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

आम उपभोक्ताओं पर भी असर

हालांकि यह वृद्धि कमर्शियल सिलेंडरों में हुई है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और कैटरिंग सेवाओं की लागत बढ़ने से खाने-पीने की वस्तुएं महंगी हो रही हैं।

विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को बाहर भोजन करने और सामाजिक आयोजनों में बढ़े खर्च का सामना करना पड़ सकता है।

व्यापारियों की मांग

व्यापारिक संगठनों ने सरकार और तेल कंपनियों से कमर्शियल एलपीजी की कीमतों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतें छोटे व्यापारियों, होटल संचालकों और कैटरिंग व्यवसायियों के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।

फिलहाल 1 जून से लागू नई दरों के बाद प्रदेशभर में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग बढ़ी हुई लागत के साथ काम करने को मजबूर हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं को भी इसका आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *