सागर, जिले की महत्वाकांक्षी बंडा बृहद सिंचाई परियोजना के अंतर्गत प्रभावित गांवों में विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशन तथा एसडीएम बंडा श्रीमती आरती यादव के मार्गदर्शन में ग्राम सलैया खुर्द में सोमवार को प्रशासन ने विस्थापन की अग्रिम कार्रवाई करते हुए आवासीय संरचनाओं को हटाने का कार्य प्रारंभ किया। यह कार्रवाई परियोजना के तहत निर्मित हो रहे उल्दन बांध क्षेत्र में आने वाले प्रभावित परिवारों के पुनर्व्यवस्थापन के लिए की जा रही है।
प्रशासन द्वारा बताया गया कि बंडा बृहद सिंचाई परियोजना क्षेत्र के विकास और कृषि उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खेती की उत्पादकता में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसी उद्देश्य से परियोजना क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रभावित परिवारों को निर्धारित मुआवजा प्रदान कर सुरक्षित स्थानों पर बसाने की प्रक्रिया जारी है।
ग्राम सलैया खुर्द में कार्रवाई से पहले प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को पर्याप्त समय दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार गांव में तीन बार मुनादी कराकर लोगों को परियोजना और विस्थापन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी तथा समय रहते अपने मकानों को खाली करने के लिए कहा गया था। पूर्व सूचना और समझाइश के बाद सोमवार को प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में विस्थापन की अग्रिम कार्रवाई की गई।

प्रभावित परिवारों को ग्राम पनारी में पुनर्वासित किया जा रहा है। यहां प्रशासन द्वारा उन्हें आवासीय पट्टे उपलब्ध कराए गए हैं तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास स्थल पर विस्थापित परिवारों को व्यवस्थित रूप से बसाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विस्थापन की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा। कार्रवाई में एसडीएम बंडा श्रीमती आरती यादव, तहसीलदार श्री मोहित जैन, एसडीओपी श्री प्रदीप बाल्मिक, नायब तहसीलदार बहरोल श्री जी.सी. राय, नायब तहसीलदार बंडा श्रीमती ज्योति राय, थाना प्रभारी बहरोल श्री धर्मेंद्र सिंह सहित राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं कोटवार उपस्थित रहे।
इसके अलावा जल संसाधन विभाग की ओर से परियोजना प्रबंधक श्री अनिरुद्ध आनंद, एसडीओ श्री धरमदास अहिरवार, श्री आकाश सचान एवं सुश्री जिज्ञासा जैन सहित विभागीय अमला भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहा। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित कर उन्हें पुनर्वास की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।
प्रशासन ने ग्राम में पुनः मुनादी कराकर सभी प्रभावित ग्रामीणों से अनुरोध किया है कि वे आगामी दो दिनों के भीतर अपने मकानों को नियमानुसार खाली कर दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मानसून के आगमन से पहले विस्थापन की प्रक्रिया को पूर्ण करना आवश्यक है, ताकि जलभराव अथवा अन्य संभावित जोखिमों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की सभी प्रक्रियाएं शासन के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा वितरण भी किया जा चुका है तथा शेष प्रक्रियाएं भी चरणबद्ध ढंग से पूरी की जा रही हैं।
बंडा बृहद सिंचाई परियोजना को क्षेत्र के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों को वर्षा पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी। साथ ही क्षेत्र में जल प्रबंधन की स्थिति बेहतर होने से कृषि उत्पादन और ग्रामीण आय में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों से अपील की है कि वे ग्राम पनारी में उन्हें आवंटित किए गए प्लॉटों पर शीघ्र स्थानांतरित होकर पुनर्वास प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग करें। अधिकारियों के अनुसार विस्थापन और पुनर्वास की कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जारी है तथा प्रभावित परिवारों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।