सागर। शहर के मोतीनगर थाना क्षेत्र स्थित रविशंकर वार्ड में मंगलवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां संपत्ति विवाद के चलते एक युवक की कथित रूप से पाइप और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय अतुल जडिया निवासी रविशंकर वार्ड के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अतुल जडिया मंगलवार शाम अपने घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान उनके ममेरे भाइयों से विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने अतुल जडिया को घर के सामने घेर लिया और उन पर पाइप तथा लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमलावर लगातार उन पर वार करते रहे। अचानक हुए हमले से अतुल गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े, लेकिन आरोपियों ने मारपीट बंद नहीं की और उन्हें तब तक पीटते रहे जब तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर नहीं हो गई।
घटना को देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया। लेकिन आरोपियों ने लोगों को भी धमकाते हुए वहां से दूर रहने को कहा। बताया जाता है कि आरोपियों ने हस्तक्षेप करने वालों को भी जान से मारने की धमकी दी, जिससे लोग भयभीत हो गए।
घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल अतुल जडिया को उपचार के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की और शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और आरोपियों के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस इसी विवाद को हत्या का प्रमुख कारण मानकर जांच कर रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। मामले में तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि घटना की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

इस हत्याकांड ने एक बार फिर पारिवारिक और संपत्ति विवादों के हिंसक रूप लेने की चिंता को सामने ला दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान हो जाता तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।