नौतपा का समापन उमस के साथ, हल्की बूंदाबांदी ने बढ़ाई बेचैनी; किसान बारिश का कर रहे इंतजार !

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रहली। नौतपा के अंतिम दिन बुधवार को रहली क्षेत्र में मौसम ने कई रंग दिखाए। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने के बजाय उमस का सामना करना पड़ा। वातावरण में नमी बढ़ने से लोग पूरे दिन बेचैनी महसूस करते रहे। वहीं दूसरी ओर किसान अब खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

इस वर्ष नौतपा के दौरान दूसरे और तीसरे दिन को छोड़ अधिकांश दिन अपेक्षाकृत राहत भरे रहे। हालांकि अंतिम दिन मौसम में आए बदलाव ने लोगों को मानसून की आहट का एहसास जरूर कराया, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने से गर्मी और उमस दोनों का प्रभाव बना रहा।

बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप निकलती रही, जिससे मौसम में लगातार बदलाव दिखाई देता रहा। दोपहर के समय बादल और अधिक घने हो गए। बादलों की स्थिति देखकर लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में अच्छी बारिश हो सकती है, लेकिन उम्मीद के विपरीत केवल हल्की बूंदाबांदी ही हुई। बारिश की कुछ बूंदों ने जमीन को भिगोया जरूर, लेकिन गर्मी और उमस कम करने में यह नाकाफी साबित हुई।

हल्की बूंदाबांदी के बाद वातावरण में नमी बढ़ गई, जिसके कारण उमस का स्तर काफी बढ़ गया। लोगों को पसीने और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ा। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को उमस भरे मौसम के कारण परेशानी उठानी पड़ी। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों पर मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिला।

मौसम विभाग से प्राप्त स्थानीय आंकड़ों के अनुसार बुधवार को रहली क्षेत्र का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति लगभग 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। सामान्य रूप से यह तापमान अत्यधिक गर्म नहीं माना जाता, लेकिन वातावरण में मौजूद नमी के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस हुआ।

शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहाना हो गया। नदी किनारों, तालाबों और जंगलों के आसपास ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम में आई इस नरमी का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकले। कई परिवार और युवा समूह प्राकृतिक स्थलों पर पहुंचे और बदलते मौसम का आनंद लिया।

नौतपा समाप्त होने के साथ ही अब लोगों की निगाहें मानसून पर टिक गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से किसान अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी के लिए खेतों में बखरनी और अन्य कृषि कार्य शुरू होने वाले हैं। किसानों का कहना है कि समय पर और पर्याप्त बारिश होने पर ही खेती की गतिविधियां गति पकड़ सकेंगी।

क्षेत्र के किसानों के अनुसार अभी खेतों में प्रारंभिक तैयारियां चल रही हैं, लेकिन बुवाई का कार्य वर्षा पर निर्भर है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो किसान सोयाबीन, धान, मक्का, उड़द और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर सकेंगे। इसलिए ग्रामीण अंचलों में बारिश का इंतजार सबसे अधिक देखा जा रहा है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नौतपा के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव शुरू हो जाता है और मानसून पूर्व गतिविधियां बढ़ने लगती हैं। बादलों की सक्रियता और हल्की बूंदाबांदी को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट तथा वर्षा गतिविधियों में वृद्धि की संभावना व्यक्त की जा रही है।

फिलहाल रहली क्षेत्र में नौतपा का समापन उमस भरे मौसम के साथ हुआ है। लोगों को अब भीषण गर्मी से स्थायी राहत और किसानों को कृषि कार्यों की शुरुआत के लिए मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार है।

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