सागर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा जिले में विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत दक्षिण सागर वनमंडल एवं उत्तर सागर वनमंडल के बांदरी परिक्षेत्र में पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वन अमले ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया तथा आमजन से भी पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने की अपील की।
दक्षिण सागर वनमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वनमंडल अधिकारी श्री वरुण यादव के नेतृत्व में पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। पौधारोपण के दौरान कार्यालय परिसर को अधिक हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने का संकल्प भी लिया गया।
इस अवसर पर वनमंडल अधिकारी श्री वरुण यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण प्रकृति का संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपना योगदान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधों का संरक्षण नहीं किया जाएगा तो पौधारोपण का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन को स्वच्छ वायु, छाया, जल संरक्षण और जैव विविधता का आधार भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। सभी ने यह शपथ ली कि वे न केवल पौधारोपण करेंगे, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का प्रयास भी करेंगे।
इसी क्रम में उत्तर सागर वनमंडल के बांदरी परिक्षेत्र में भी प्रतिपूरक वनीकरण योजना के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिपूरक वनीकरण योजना के माध्यम से वन क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
वन अधिकारियों ने बताया कि वृक्ष पृथ्वी पर जीवन के आधार हैं। वर्तमान समय में बढ़ते तापमान, घटते वन क्षेत्र और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण आवश्यक है। पौधे न केवल वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं, बल्कि मिट्टी संरक्षण, वर्षा चक्र के संतुलन और वन्य जीवों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावनात्मक रूप से प्रकृति और परिवार के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास है। जब कोई व्यक्ति अपनी माँ के नाम पर पौधा लगाता है, तो उसके संरक्षण के प्रति उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। यही भावना इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान कर रही है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से वन विभाग ने आमजन को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने का आह्वान किया। अधिकारियों ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज से ही गंभीर प्रयास करने होंगे। इसके लिए पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग को जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ा जाएगा और जिले में हरित आवरण बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।