सागर। होमगार्ड कमांडेंट मुख्यालय के निर्देशानुसार जिला होमगार्ड कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण आयोजित किया गया। निरीक्षण के दौरान डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट द्वारा कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के अभिलेखों का परीक्षण किया गया तथा जवानों की किट परेड, उपकरणों की स्थिति और विभागीय व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं जवानों को अनुशासन, कार्यकुशलता तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के निर्देश भी दिए गए।
वार्षिक निरीक्षण कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों की जांच की गई। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने शाखावार अभिलेखों का अवलोकन करते हुए उनके संधारण एवं अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। इसके पश्चात किट परेड का आयोजन किया गया, जिसमें कार्यालय के 9 स्टाफ सदस्य तथा 82 जवानों सहित कुल 91 अधिकारी एवं कर्मचारी चार प्लाटूनों में शामिल हुए।
परेड का नेतृत्व प्लाटून कमांडर पी.सी. अनिमेष राजपूत द्वारा किया गया। परेड कमांडर ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट को परेड की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने परेड का निरीक्षण किया और जवानों की अनुशासनात्मक स्थिति, वर्दी, टर्न आउट तथा परेड प्रदर्शन का अवलोकन किया। निरीक्षण के उपरांत परेड मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने अनुशासन एवं दक्षता का प्रदर्शन किया।

परेड समाप्त होने के बाद जवानों की व्यक्तिगत किट और वर्दी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिन जवानों का टर्न आउट, वर्दी और किट व्यवस्था उत्कृष्ट पाई गई, उन्हें डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट द्वारा प्रशंसा के लिए चयनित किया गया तथा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई। वहीं जिन जवानों की किट या टर्न आउट में कमियां पाई गईं, उन्हें आवश्यक सुधार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) से संबंधित उपकरणों की भी जांच की गई। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने जवानों से विभिन्न उपकरणों के संचालन और उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उपकरणों को चालू कर उनकी कार्यक्षमता का परीक्षण कराया। उन्होंने जवानों को निर्देशित किया कि आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।
इसके अलावा जिले में उपलब्ध विभागीय वाहनों का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वाहनों की तकनीकी स्थिति, सर्विसिंग रिकॉर्ड, ऑयल गेज और अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच की गई। वाहन प्रभारी द्वारा सभी वाहनों की स्थिति संतोषजनक और संचालन योग्य बताई गई। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने वाहनों के नियमित रखरखाव और समय-समय पर तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें सभी अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने जवानों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने तथा ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट टर्न आउट बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि होमगार्ड जवानों की पहचान अनुशासन, तत्परता और सेवा भावना से होती है, इसलिए प्रत्येक जवान को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।
सम्मेलन में मुख्यालय से प्राप्त नवीन आदेशों एवं दिशा-निर्देशों की जानकारी भी जवानों को दी गई। साथ ही जवानों से उनकी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं के संबंध में चर्चा की गई। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ने जवानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के समाधानकारी उत्तर दिए तथा आवश्यक मामलों के निराकरण का आश्वासन भी दिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विभागीय व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी अनुशासन, प्रशिक्षण और उपकरणों के रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना तथा जवानों में कार्य के प्रति जिम्मेदारी और दक्षता को बढ़ावा देना रहा।
वार्षिक निरीक्षण के इस आयोजन से जवानों में उत्साह देखने को मिला तथा उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक सजग एवं प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा मिली।