छतरपुर। जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र की काकुनपुरा चौकी अंतर्गत गुढो गांव में चोरों ने एक ही रात में दो अलग-अलग मकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए। वारदात का खुलासा शनिवार सुबह उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य नींद से जागे और घरों की अलमारियां खुली तथा सामान बिखरा हुआ पाया। घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार गुढो गांव निवासी हरिसिंह यादव (45) पिता भान प्रताप यादव शुक्रवार रात अपने परिवार के साथ भोजन करने के बाद घर में सो गए थे। परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि रात के अंधेरे में चोर उनके घर में प्रवेश कर चुके हैं। सुबह करीब पांच बजे जब हरिसिंह यादव की नींद खुली तो उन्होंने कमरे का दृश्य देखकर हैरान रह गए। कमरे में रखी अलमारी खुली हुई थी और उसमें रखा सामान बिखरा पड़ा था।
उन्होंने तत्काल अपने भाई जय सिंह यादव को जगाया और दोनों ने मिलकर अलमारी की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी राशि, बैंक पासबुक, आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हैं। परिवार को समझते देर नहीं लगी कि वे चोरी का शिकार हो चुके हैं।

घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गांव में यह जानकारी भी सामने आई कि उसी रात गांव के ही एक अन्य निवासी सुरेंद्र यादव (45) पिता ग्याप्रसाद यादव के घर में भी चोरी की वारदात हुई है।
बताया गया कि अज्ञात चोर सुरेंद्र यादव के मकान में भी घुस गए और कमरे में रखी अलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण चोरी कर ले गए। चोर केवल जेवरात ही नहीं ले गए बल्कि बैंक पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज भी अपने साथ उठा ले गए। सुबह जब परिवार के लोगों ने अलमारी की स्थिति देखी तो चोरी का खुलासा हुआ।
एक ही रात में दो घरों में चोरी की घटनाएं सामने आने से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि वारदात को किसी संगठित गिरोह ने अंजाम दिया है, जिसने पहले से मकानों की रेकी की होगी। लोगों का कहना है कि चोरों ने बड़ी सफाई से घटना को अंजाम दिया और किसी को भनक तक नहीं लगने दी।
घटना की सूचना मिलते ही काकुनपुरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज कर चोरी का मामला कायम किया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश शुरू की, लेकिन शुरुआती प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिल सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। इसके अलावा सागर से पीएचएनटी (पुलिस हेडक्वार्टर नेटवर्क ट्रैकिंग) से जुड़े विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर भेजा गया, जो तकनीकी और अपराध संबंधी डाटा का विश्लेषण कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के गांवों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी की इस वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चौकी प्रभारी राजेंद्र बागरी ने बताया कि दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चोरों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
लगातार हुई इन चोरियों ने गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। गांव में हुई दोहरी चोरी की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और ग्रामीणों को अपने घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।