छतरपुर। शहर के टौरिया मोहल्ला बवाल मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शहर में जुलूस निकालकर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपियों पर एक दंपती से मारपीट, मासूम बच्ची को सड़क पर पटकने, पुलिस पर पथराव करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में निसार खान, उसका पिता हुसैन खान, निज्जू उर्फ निजाम खान और छोटू उर्फ यूनिस खान शामिल हैं। सिटी कोतवाली पुलिस ने चारों को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। जुलूस के दौरान आरोपी मीडिया कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे छिपाते नजर आए।
पूरा मामला गुरुवार रात महोबा रोड स्थित गुरुद्वारा के पास शुरू हुआ था। बताया गया कि एक बाइक और स्कूटी की मामूली टक्कर के बाद विवाद पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपियों ने स्कूटी सवार पुरुष और महिला से विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने दंपती की करीब दो वर्षीय मासूम बच्ची को गोद से छीन लिया और चलती सड़क पर पटक दिया। इस घटना से मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम टौरिया मोहल्ला पहुंची, लेकिन वहां हालात और बिगड़ गए। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस दल का विरोध करते हुए उन पर पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झूमाझटकी की स्थिति भी बनी।
घटना को कवर करने पहुंचे पत्रकार भी उपद्रवियों के निशाने पर आ गए। पत्रकारों के साथ अभद्रता और हमला किए जाने की सूचना के बाद मामला और गंभीर हो गया। देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रातभर क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बनाए रखी। शुक्रवार और शनिवार को भी पुलिस लगातार निगरानी करती रही ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की।

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों पर हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट, बलवा, पथराव और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
इसके अलावा पुलिस ने अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इनके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
टौरिया मोहल्ला की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक मामूली सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप लेता गया और इसके परिणामस्वरूप पुलिस, पत्रकारों तथा आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।