सोने-चांदी में इस सप्ताह बड़ी गिरावट: सोना ₹2,225 और चांदी ₹6,442 सस्ती, निवेशकों की बढ़ी चिंता !

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नई दिल्ली। देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। लगातार रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब दोनों कीमती धातुओं के भाव में नरमी देखने को मिल रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह भर में सोने की कीमत में ₹2,225 प्रति 10 ग्राम और चांदी में ₹6,442 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। इस बदलाव ने निवेशकों, कारोबारियों और आभूषण खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

सोना ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा

IBJA के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत शुक्रवार को घटकर करीब ₹1,54,000 प्रति 10 ग्राम रह गई। इससे पहले 30 मई को इसका भाव लगभग ₹1,56,225 प्रति 10 ग्राम था। इस प्रकार सप्ताह के दौरान सोना ₹2,225 सस्ता हो गया।

हालांकि कीमतों में यह गिरावट आई है, फिर भी सोना ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर के आसपास बना हुआ है। बीते कुछ महीनों में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने में लगातार तेजी देखने को मिली थी।

चांदी में ज्यादा गिरावट

सोने की तुलना में चांदी में अधिक गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह की शुरुआत में चांदी का भाव लगभग ₹2.63 लाख प्रति किलोग्राम था, जो घटकर ₹2.57 लाख प्रति किलोग्राम रह गया। यानी एक सप्ताह में इसकी कीमत में ₹6,442 प्रति किलो की कमी आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों से अधिक प्रभावित होती हैं। वैश्विक स्तर पर मांग में नरमी और मुनाफावसूली के कारण चांदी के भाव पर दबाव देखा गया।

गिरावट के पीछे क्या हैं कारण?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।

1. निवेशकों की मुनाफावसूली

हाल के महीनों में सोना और चांदी लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंचे थे। ऐसे में कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर अपनी होल्डिंग बेचकर मुनाफा कमाया, जिससे कीमतों पर दबाव बना।

2. डॉलर और बॉन्ड यील्ड में मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड यील्ड में मजबूती आने पर निवेशक अक्सर सोने से दूरी बनाते हैं। इसका असर वैश्विक बुलियन बाजार पर पड़ा और कीमतों में नरमी आई।

3. वैश्विक आर्थिक संकेत

दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिले कुछ सकारात्मक आर्थिक संकेतों के बाद सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में हल्की कमी देखी गई। इससे भी कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

4. अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

भारत में सोने और चांदी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर निर्भर करती हैं। विदेशी बाजारों में कमजोरी का सीधा असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दिया।

खरीदारों के लिए राहत

लगातार बढ़ती कीमतों के कारण पिछले कुछ समय से आम उपभोक्ताओं के लिए सोना और चांदी खरीदना महंगा हो गया था। ऐसे में इस सप्ताह आई गिरावट को खरीदारों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है।

विशेष रूप से आगामी शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन को देखते हुए ज्वेलरी बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है। सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि कीमतों में कमी आने से ग्राहकों की खरीदारी में तेजी आ सकती है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को देखकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता रहा है और यह महंगाई तथा आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:

  • निवेशक लंबी अवधि के दृष्टिकोण से निवेश करें।
  • एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाएं।
  • पोर्टफोलियो में सोने और अन्य निवेश साधनों के बीच संतुलन बनाए रखें।
  • कीमतों में गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में भी देखा जा सकता है।

आगे क्या रह सकते हैं संकेत?

विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो दोनों धातुओं में फिर से तेजी लौट सकती है। वहीं वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहने पर कीमतों में सीमित दबाव जारी रह सकता है।

इस सप्ताह सर्राफा बाजार में सोना ₹2,225 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹6,442 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत तो है, लेकिन खरीदारों के लिए एक अवसर भी बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में सोना और चांदी अब भी महत्वपूर्ण निवेश विकल्प बने हुए हैं, जबकि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बाजार का सामान्य हिस्सा है।

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