गौतम अडाणी एक महीने बाद फिर एशिया में सबसे अमीर: अमेरिकी कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद संपत्ति $10 बिलियन बढ़ी !

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नई दिल्ली। भारत के दिग्गज उद्योगपति और Gautam Adani एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। लगभग एक महीने के अंतराल के बाद उन्होंने यह स्थान दोबारा हासिल किया है। फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अडाणी की कुल संपत्ति (नेटवर्थ) बढ़कर 90 अरब डॉलर यानी करीब 8.55 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है। अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में हाल के दिनों में आई जोरदार तेजी ने उनकी संपत्ति में लगभग 10 अरब डॉलर का इजाफा किया है।

इस उछाल के साथ अडाणी ने Mukesh Ambani और Masayoshi Son को पीछे छोड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है। अप्रैल तक अडाणी इस सूची में शीर्ष पर थे, लेकिन मई में उनके समूह के शेयरों में गिरावट आने के कारण वे तीसरे स्थान पर खिसक गए थे।

शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी

अडाणी समूह की कई कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। निवेशकों के भरोसे में वृद्धि और कारोबारी संभावनाओं को लेकर सकारात्मक माहौल के कारण समूह की कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगातार बढ़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समूह की ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट, एयरपोर्ट, सीमेंट और ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में जारी विस्तार ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। इसी का असर शेयर बाजार में देखने को मिला और समूह की कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी।

अमेरिकी कानूनी मामले के बाद बढ़ा निवेशकों का भरोसा

हालिया तेजी का एक बड़ा कारण वह सकारात्मक माहौल भी माना जा रहा है, जो अमेरिकी न्यायिक प्रक्रिया में राहत मिलने के बाद बना। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कानूनी अनिश्चितताओं में कमी आने से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और समूह के शेयरों में नई खरीदारी देखने को मिली।

इस सकारात्मक धारणा ने अडाणी समूह की कंपनियों के बाजार मूल्य में वृद्धि की, जिसका सीधा फायदा समूह के संस्थापक गौतम अडाणी की व्यक्तिगत संपत्ति को भी मिला।

अंबानी और मसायोशी सन को पीछे छोड़ा

नेटवर्थ में हुई वृद्धि के बाद गौतम अडाणी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी और जापान की निवेश कंपनी सॉफ्टबैंक के प्रमुख मसायोशी सन को पीछे छोड़ दिया है।

एशिया के अरबपतियों की सूची में शीर्ष स्थान के लिए पिछले कुछ वर्षों से अडाणी और अंबानी के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती रही है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के अनुसार दोनों उद्योगपतियों की रैंकिंग समय-समय पर बदलती रहती है।

कारोबार का तेजी से विस्तार

अडाणी समूह पिछले कुछ वर्षों में देश और विदेश में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। समूह की मौजूदगी अब बंदरगाह, हवाई अड्डे, बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, डेटा सेंटर, सीमेंट, गैस वितरण और लॉजिस्टिक्स जैसे अनेक क्षेत्रों में है।

विशेष रूप से ग्रीन एनर्जी सेक्टर में समूह के बड़े निवेश को भविष्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने से इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं।

भारतीय उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण संकेत

गौतम अडाणी का फिर से एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बनना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारतीय कॉर्पोरेट जगत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति का भी संकेत है। दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में भारतीय उद्योगपतियों की मजबूत मौजूदगी भारत की आर्थिक ताकत को दर्शाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कंपनियों का विस्तार, बढ़ता निवेश और मजबूत बाजार पूंजीकरण वैश्विक निवेशकों के बीच भारत को आकर्षक निवेश गंतव्य बना रहा है।

आगे क्या?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में अडाणी समूह के शेयरों का प्रदर्शन, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, निवेशकों की धारणा और समूह की नई परियोजनाएं उनकी नेटवर्थ पर प्रभाव डालती रहेंगी। यदि समूह की कंपनियां इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करती रहीं तो गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकते हैं।

अडाणी समूह के शेयरों में आई तेज बढ़त के दम पर गौतम अडाणी ने एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल कर लिया है। लगभग 90 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ उन्होंने मुकेश अंबानी और मसायोशी सन को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि न केवल अडाणी समूह की बाजार में मजबूत स्थिति को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय उद्योग जगत की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक है।

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