सागर के घरौंदा आश्रम में देहदान विवाद: बाल आयोग ने लिया संज्ञान, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट !

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मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित घरौंदा आश्रम में पिछले सात वर्षों में बिना वैधानिक प्रक्रिया और पोस्टमॉर्टम के 9 देहदान किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इसमें 5 महिलाएं, 3 पुरुष और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली घटना तब हुई जब बाल कल्याण समिति द्वारा भेजी गई एक नाबालिग लड़की की मृत्यु के बाद बिना अनुमति और पोस्टमॉर्टम के उसका देहदान कर दिया गया।

बाल आयोग ने उठाए गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने घरौंदा आश्रम का निरीक्षण किया और पाया कि आश्रम में रहने वाले किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद पोस्टमॉर्टम कराना अनिवार्य है, लेकिन कुछ मामलों में यह प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और सीधे देहदान कर दिया गया। इससे संदेह उठता है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों को छिपाने का प्रयास किया गया है।

देहदान की प्रक्रिया और नियम

देहदान के लिए निम्नलिखित नियम हैं:

  • मृत्यु के बाद पोस्टमॉर्टम अनिवार्य है।
  • पोस्टमॉर्टम के बाद ही देहदान किया जा सकता है।
  • आश्रम से किसी का देहदान नहीं किया जा सकता, क्योंकि वहां मृत्यु होने पर मौत का कारण सामने लाने के लिए पोस्टमॉर्टम जरूरी है।

लेकिन घरौंदा आश्रम ने इन नियमों की अनदेखी करते हुए 9 देहदान किए हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है और सागर कलेक्टर से रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने आश्रम की संचालिका से देहदान संबंधी दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन उन्होंने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए।

अन्य आश्रमों में भी नियमों की अनदेखी

घरौंदा आश्रम के अलावा करुणा आश्रम खजुरिया और मदर टेरेसा आश्रम से भी नियम विरुद्ध देहदान किए जाने की बात सामने आई है। इन मामलों की भी जांच की जा रही है।

आश्रम संचालिका का बयान

घरौंदा आश्रम की संचालिका प्रीति यादव ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार देहदान किया गया है और शीघ्र ही साक्ष्यों को सामने रखा जाएगा। उनका कहना है कि जान-बूझकर टारगेट किया जा रहा है।

इस मामले की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आश्रम में नियमों का उल्लंघन किया गया है या नहीं। साथ ही, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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