“विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025” के अंतर्गत सागर जिले में विशेषज्ञों की टीम ने किया किसानों से सीधा संवादखेती-किसानी में तकनीकी नवाचार, प्राकृतिक खेती और योजनाओं की जानकारी देने का उद्देश्य !

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सागर, 09 जून 2025।
सागर जिले के मालथौन विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बमनोरा, बेसरा एवं बरोदिया गोसाईं में सोमवार को “विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025” के अंतर्गत प्रशिक्षण, संवाद और समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान का नेतृत्व कलेक्टर श्री संदीप जी.आर., जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, और ICAR-अटारी ज़ोन-9, जबलपुर के संयुक्त निर्देशन में किया जा रहा है।

अभियान का उद्देश्य है— प्रयोगशालाओं में तैयार की गई कृषि तकनीकों को खेत तक पहुँचाना, खरीफ फसलों की नवीनतम जानकारी, जैविक व प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरणा, तथा कृषि में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान


विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने किसानों से किया संवाद

संयुक्त विशेषज्ञ टीम में केन्द्रीय कृषि प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल से यू.सी. दुबे, कृषि विज्ञान केंद्र सागर से मयंक मेहरा, सहायक संचालक कृषि श्री जयदत्त शर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ए.के. गुप्ता, कृषि विस्तार अधिकारी सुरेंद्र तिवारी, गजेंद्र बिछाने, पूजा यादव, उद्यान विस्तार अधिकारी शुभम सावले, पशुपालन विभाग से डॉ. नितेन्द्र सहित आत्मा से कपिल गोस्वामी मौजूद रहे।

इनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए, जिनमें बमनोरा से श्री बलबीर सिंह (जनपद उपाध्यक्ष), श्री सुरेन्द्र सिंह ठाकुर (जनपद सदस्य), बरोदिया गोसाईं से सरपंच सविता राजपूत व प्रगतिशील किसान बद्रीप्रसाद कुर्मी, बेसरा से पूर्व सरपंच श्री दिनेश पटेरिया, पार्षद संगीता यादव, अशोक यादव आदि शामिल रहे।


प्रमुख विषय और तकनीकी जानकारी

कार्यक्रम में किसानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं:

  • मृदा परीक्षण और सॉइल हेल्थ कार्ड:
    श्री मयंक मेहरा ने किसानों को मृदा परीक्षण की विधि एवं उससे मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी।
  • खरीफ फसलों की नवीनतम किस्में:
    खरीफ के मौसम में उपयुक्त बीजों और उनके उचित उपयोग पर चर्चा की गई।
  • रेज्ड बेड प्लांटर तकनीक:
    सहायक संचालक जयदत्त शर्मा ने साधारण सीड ड्रिल को रेज्ड बेड प्लांटर में बदलने के लिए आवश्यक अटैचमेंट्स के बारे में जानकारी साझा की। इससे जल संरक्षण और उन्नत उत्पादन संभव होगा।
  • नवीनतम कृषि यंत्रों की जानकारी:
    डॉ. यू.सी. दुबे ने किसानों को ड्रोन टेक्नोलॉजी, मल्टी क्रॉप थ्रेशर और अन्य उपकरणों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
  • उर्वरक विकल्प व मृदा सुधार:
    श्री ए.के. गुप्ता ने डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के विकल्पों व जैविक खादों के प्रयोग के फायदे बताए।
  • कृषि विभागीय योजनाएं:
    श्री सुरेंद्र तिवारी और अन्य अधिकारियों ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं – जैसे कि फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, प्राकृतिक खेती अनुदान योजना आदि की विस्तृत जानकारी दी।

किसानों की समस्याओं का हुआ तत्काल समाधान

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में प्रगतिशील किसानों ने अपने प्रश्न और समस्याएं टीम के समक्ष रखीं, जिनमें फसल रोग, कीट प्रबंधन, बीज उपलब्धता, अनुदान योजना, और मौसम परिवर्तन के असर शामिल रहे। विशेषज्ञों ने तत्काल समाधान दिए और किसानों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्रदान किया।


प्रशासन और विशेषज्ञों की पहल से खेती में आएगा बदलाव

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान से जिले में किसानों को खेत से बाजार तक की नई सोच, तकनीकी नवाचार, और सस्टेनेबल खेती के लिए प्रेरणा मिल रही है।

डॉ. के.एस. यादव (प्रधान वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र) ने कहा—

“हमारा प्रयास है कि वैज्ञानिक जानकारी सिर्फ किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि खेतों तक पहुँचे और किसान इसे आत्मसात कर सकें।”


“विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025” सागर जिले के कृषकों को आधुनिकता, नवाचार और परंपरा के संतुलन से जोड़ने की एक सार्थक पहल है। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आमदनी और आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।


ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
7806077338, 9109619237

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