मध्यप्रदेश को नदियों का मायका बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है : मंत्री प्रहलाद पटेल !

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– देवरी में 77वीं नदी ‘कोपरा’ के उद्गम स्थल पर की पूजा-अर्चना, जल संरक्षण का दिया संदेश

सागर, 21 जून 2025
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने आज सागर जिले के देवरी क्षेत्र स्थित कोपरा नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का गहन संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “यदि नर्मदा नहीं होगी तो मध्यप्रदेश का भविष्य नहीं होगा।” यह केवल एक भावुक अपील नहीं, बल्कि आने वाले संकटों के प्रति एक चेतावनी भी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को यूं ही “नदियों का मायका” नहीं कहा गया, यहां 247 से अधिक नदियों के उद्गम हैं, जिन्हें बचाना हम सबका दायित्व है।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि आज देवरी में 77वीं नदी कोपरा के उद्गम पर उपस्थित होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें नदियों और पुराने जल स्रोतों – कुएं, बावड़ियां, तालाब – का संरक्षण करना होगा ताकि भावी पीढ़ियों को शुद्ध पेयजल और सुरक्षित जल स्रोत मिल सकें।

उन्होंने कहा कि जल संकट की आशंका अब भविष्य की बात नहीं रह गई, बल्कि वर्तमान की चुनौती है। “पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा, और हम इसे रोक सकते हैं – अगर अभी से संकल्प लें।”

पानी बचाने पर दिया विशेष जोर

मंत्री श्री पटेल ने बताया कि “आज एक व्यक्ति को औसतन 50 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन जल का लगातार दुरुपयोग इस संसाधन को संकट में डाल रहा है।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दैनिक जीवन में पानी के अपव्यय को रोकें और वर्षा जल संग्रहण (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

पौधारोपण को बताया जीवन रक्षा का उपाय

मंत्री श्री पटेल ने वृक्षारोपण पर बल देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि “उन्हें कम से कम 7 वर्ष तक संरक्षित और संरक्षित किया जाना चाहिए। यदि ऐसा किया गया तो यह पौधे भावी पीढ़ियों को फल और छाया देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि पौधारोपण करते समय फेंसिंग और जल आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।

प्रकृति विरोधी गतिविधियों से बचें

अपने उद्बोधन में मंत्री ने कहा कि “हमें प्रकृति के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए – वृक्ष काटना, जल स्रोतों को प्रदूषित करना या जल अपव्यय सब हमारे पर्यावरण को हानि पहुंचाते हैं।”

उद्घाटन अवसर पर अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र सिंह, श्री अनिल डिमोले, श्री अवनीश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के.वी., एसडीएम श्री मुनव्वर खान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मंत्री श्री पटेल का यह दौरा केवल एक सरकारी अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज को प्रकृति के संरक्षण के लिए जागरूक करने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

7806077338, 9109619237

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