देवरी चौधरी में जमीन विवाद बना हत्या का कारण: ओमकार अहिरवार की नृशंस हत्या के बाद उठा जन आक्रोश, प्रशासन और राजनीति दोनों पर उठे सवाल
सागर जिले के देवरी चौधरी गांव में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर हुए खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मृतक ओमकार अहिरवार (28) की निर्मम हत्या के बाद गांव में मातम का माहौल है, वहीं प्रशासन और राजनैतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
शव रखकर 6 घंटे चक्काजाम, परिजनों ने रखीं सख्त मांगें
हत्या के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और ओमकार के शव को लेकर देवरी अस्पताल चौराहे पर पहुंच गए, जहां करीब 6 घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया गया। परिजनों की प्रमुख मांग थी कि जब तक आरोपियों के मकानों को प्रशासन द्वारा ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। तनाव की इस स्थिति को संभालने मौके पर भाजपा नेता अभिषेक भार्गव पहुंचे, जिन्होंने विधायक गोपाल भार्गव की ओर से पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।
कांग्रेस और भीम आर्मी ने भी दिखाया समर्थन
रविवार को इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मृतक के परिजनों से फोन पर बात की और 24 जून को खुद मिलने का आश्वासन दिया। उन्होंने सागर एसपी से भी संपर्क कर सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी अधिकारियों से बात कर परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
शव लेकर चांदपुर तक निकले परिजन, देर शाम हुआ अंतिम संस्कार
प्रशासन की लगातार समझाइश और लिखित आश्वासन के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पहले वे शव को लेकर चांदपुर तक चले गए थे लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शव वापस गांव लाया। रविवार शाम करीब 5:30 बजे ओमकार का अंतिम संस्कार हुआ।
गांव में दहशत का माहौल, पुलिस तैनात
घटना के बाद देवरी चौधरी गांव में भय और सन्नाटा फैला हुआ है। एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एसडीओपी प्रकाश मिश्रा ने बताया कि 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पांचवें आरोपी की तलाश की जा रही है।
पीड़ित परिवार को योजनाओं का लाभ, परिजन चिंतित
ओमकार अहिरवार की मौत से परिवार टूट चुका है। मृतक की तीन बेटियां हैं, जिनकी जिम्मेदारी अब परिजनों पर आ गई है। प्रशासन ने तत्काल अंत्येष्टि सहायता राशि प्रदान की है। साथ ही पीड़ित प्रतिकर योजना और स्पॉन्सर योजना के तहत लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्रशासन और राजनीति की अग्निपरीक्षा
इस हत्याकांड ने न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता को चुनौती दी है, बल्कि राजनीतिक दलों की सक्रियता और ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को भी उजागर किया है। परिजन की मांगों और जनदबाव के चलते प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी, लेकिन इस मामले ने क्षेत्रीय स्तर पर कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
इस हृदयविदारक घटना ने समाज में व्याप्त जमीन विवादों और जातिगत तनावों की भयावहता को उजागर किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच कितनी पारदर्शिता से होती है और क्या ओमकार अहिरवार को न्याय मिल पाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
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