सागर जिले में जर्जर भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर !

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अब तक 350 से अधिक ढहाए गए—कलेक्टर के निर्देश पर युद्धस्तर पर कार्रवाई

सागर, 28 जून 2025।
सागर जिले में जर्जर और क्षतिग्रस्त भवनों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर डॉ. संदीप जी. आर. द्वारा जारी सख्त निर्देशों के बाद जिलेभर में स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई युद्धस्तर पर की जा रही है।

कलेक्टर ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी प्राचार्यों, शिक्षा अधिकारियों, राजस्व और नगरीय निकायों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी हालत में जर्जर भवनों में शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित न की जाएं। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि किसी जर्जर भवन में हादसा होता है, तो संबंधित अधिकारी, स्कूल प्रबंधन और भवन मालिक को दोषी माना जाएगा।

एक दिन में गिरे 50 से अधिक भवन, अब तक 350+ पर कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए मात्र एक दिन में 50 से अधिक जर्जर स्कूल और अन्य भवनों को गिरा दिया। अब तक जिलेभर में 350 से अधिक जर्जर भवनों को तोड़ा जा चुका है। ये कार्रवाई सागर, खुरई, राहतगढ़, मालथोन, देवरी और रहली सहित नगर निगम व निकाय क्षेत्रों में की गई है।

हर भवन का होगा सत्यापन, प्रमाण-पत्र अनिवार्य
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी स्कूल भवन की मरम्मत या निर्माण के बाद संबंधित प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्रमाण-पत्र सौंपेंगे और इसे जिला शिक्षा अधिकारी सूचीबद्ध करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी विद्यालय जर्जर भवन में न चले।

जनभागीदारी से होगी सुरक्षा
कलेक्टर डॉ. संदीप जी. आर. ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई मकान या भवन जर्जर हालत में है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व या नगरीय निकाय अधिकारी को दें। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

पृष्ठभूमि में मासूमों की मौत से मिली सीख
कलेक्टर ने कहा कि बीते वर्ष जर्जर भवन ढहने से मासूमों की मौत हुई थी। वह दुखद घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन कटिबद्ध है।

यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासनिक दृढ़ता का प्रतीक है, बल्कि भविष्य की संभावित त्रासदियों से सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जिला पूरी तरह जर्जर भवनों से मुक्त हो और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर बनी रहे।

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