रहली पुलिस ने खेत मालिक को लिया हिरासत में
सागर, 30 जून 2025।
जिले के पटनाबुजुर्ग गांव में रविवार को अवैध रूप से की जा रही गांजे की खेती का भंडाफोड़ हुआ है। मुखबिर की सूचना पर रहली पुलिस ने खेत में दबिश देकर करीब 15 से ज्यादा गांजे के पौधे जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान खेत मालिक को हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उससे गांजे की खेती के संबंध में पूछताछ जारी है। देर रात तक पुलिस इस मामले में सक्रिय रही और सबूत जुटाती रही।

सूचना के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस को रविवार दोपहर एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि पटनाबुजुर्ग गांव में एक खेत में लंबे समय से गांजे की खेती की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए रहली थाना प्रभारी ने एक विशेष टीम गठित की और मौके पर भेजा। टीम ने रविवार शाम को गांव पहुंचकर बताए गए स्थान पर दबिश दी।
खेत की मेड़ पर मिले गांजे के विशालकाय पौधे
पुलिस टीम जब खेत में पहुंची तो मेड़ के किनारे 15 से ज्यादा गांजे के पौधे पाए गए, जो आकार में काफी बड़े और विकसित अवस्था में थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये पौधे करीब एक साल पुराने हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह खेती लंबे समय से चल रही थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया है।

खेत मालिक हिरासत में, पूछताछ जारी
पुलिस ने मौके से खेत मालिक को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेती अकेले की गई है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट सक्रिय है। वहीं, यह भी जांच का विषय है कि गांजा कहां खपाया जा रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
गांव में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
गांव में गांजे की खेती के भंडाफोड़ की खबर फैलते ही सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि इतने लंबे समय तक यह अवैध काम कैसे चलता रहा और किसी को भनक क्यों नहीं लगी।

पुलिस बोले – जल्द करेंगे बड़ा खुलासा
रहली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गांजे की खेती योजनाबद्ध ढंग से की जा रही थी। पौधों की उम्र और संख्या को देखते हुए यह मामूली मामला नहीं लगता। पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। संभावित है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हों।
पटनाबुजुर्ग गांव में गांजे की खेती का यह मामला न केवल स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खेती के नेटवर्क किस तरह सक्रिय हैं। पुलिस की तत्परता से यह अवैध कारोबार फिलहाल थमा है, लेकिन इस घटना ने प्रशासन को सतर्क रहने का संकेत जरूर दे दिया है।
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