सागर जिले में मानसून ने रविवार रात जबरदस्त दस्तक दी। गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार रात सिर्फ एक घंटे में करीब 1 इंच (25.4 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे तेज बारिश मानी जा रही है।

कटरा बाजार की सड़कें बनी तालाब
बारिश का सबसे ज्यादा असर कटरा बाजार इलाके में देखा गया, जहां दुकानों में पानी भर गया। दुकानदारों को देर रात तक अपनी दुकानों से पानी निकालते देखा गया। यातायात पुलिस चौकी के पास की सड़क तो पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई। भाग्योदय हॉस्पिटल की पार्किंग में भी भारी जलभराव हुआ, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

ग्रामीण इलाकों में भी झमाझम
शहर के अलावा गौरझामर, रहली, देवरी, बंडा समेत कई ग्रामीण इलाकों में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई। किसानों के लिए यह बारिश फसलों की बुवाई के लिहाज से राहतभरी मानी जा रही है।

अब तक की बारिश का लेखा-जोखा
भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार, 1 जून से अब तक सागर जिले में औसतन 263.2 मिमी वर्षा हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 191.6 मिमी बारिश हुई थी। इस बार अब तक 37.4% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
ब्लॉकवार बारिश के आंकड़े (1 जून से अब तक):
- राहतगढ़: 408.0 मिमी
- केसली: 351.4 मिमी
- खुरई: 277.4 मिमी
- रहली: 276.2 मिमी
- शाहगढ़: 270.8 मिमी
- देवरी: 268.2 मिमी
- गढ़ाकोटा: 257.0 मिमी
- मालथौन: 240.3 मिमी
- सागर: 239.8 मिमी
- बंडा: 201.4 मिमी
- बीना: 193.8 मिमी
- जैसीनगर: 174.1 मिमी
अगले 4 दिन और बरसेगा पानी
मौसम विभाग ने बताया कि इस समय प्रदेश में तीन शक्तिशाली मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। यह इस सीजन का अब तक का सबसे ताकतवर सिस्टम है, जिसकी वजह से सागर जिले में अगले 4 दिन तक रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। सोमवार को भी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
तापमान में गिरावट
बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
- अधिकतम तापमान: 29.4 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: 23.6 डिग्री सेल्सियस
तस्वीरों में देखिए बारिश का असर:
- दुकानों से पानी निकालते दुकानदार
- कटरा बाजार और गुजराती बाजार की जलभराव वाली सड़कें
- भीगते राहगीर और मूसलाधार बारिश में सूनसान सड़कें
प्रशासन अलर्ट पर
नगर निगम और प्रशासन की ओर से जलभराव की स्थिति को लेकर निगरानी की जा रही है। निचले इलाकों में पंपिंग सिस्टम और ड्रेनेज सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है।