सागर, 10 जुलाई 2025
प्रदेश सरकार ने उचित मूल्य दुकानों को केवल राशन वितरण का केंद्र न मानकर उन्हें जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। इंदौर जिले में प्रारंभिक तौर पर 30 उचित मूल्य दुकानों पर यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, जिसकी सफलता को देखते हुए अब सागर और उज्जैन में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। इन दोनों जिलों में 15-15 उचित मूल्य दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

क्या होगा विशेष
अब राशन के साथ-साथ इन केंद्रों से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद, जैविक उत्पाद, दालें, खाद्य तेल, सोयाबीन व अन्य पोषण युक्त सामग्री उचित मूल्य पर मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को न केवल पोषण मिलेगा, बल्कि वे एक ही स्थान पर जरूरत की कई चीजें प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार की मंशा
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि सरकारी राशन की दुकानों को पोषण केंद्रों में बदलने की यह पहल केवल नवाचार नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक ठोस प्रयास है। सरकार की मंशा है कि आमजन को आसानी से पोषणयुक्त सामग्री सुलभ हो और विक्रेताओं की आय में भी वृद्धि हो।
प्रशिक्षण व प्रबंधन
इस योजना के तहत चयनित राशन डीलरों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय प्रबंधन समिति गठित की गई है। इन केंद्रों पर डिजिटल टूल्स, आसान ऋण सुविधा, तथा कॉमन सर्विस सेंटर व बैंकिंग कोरस्पोंडेंस जैसी सेवाएं भी शामिल की जा रही हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय उपभोक्ताओं ने जन पोषण केंद्रों की शुरुआत का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अब एक ही स्थान पर राशन के साथ-साथ दूध, अनाज, और अन्य जरूरी पोषण सामग्री भी सुलभ होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
जन पोषण केंद्रों का भविष्य
सरकार की योजना है कि इस मॉडल को भविष्य में अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाए। इससे न केवल पोषण की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल सशक्त उपभोक्ता और सक्षम विक्रेता की अवधारणा को भी साकार कर रही है।
प्रदेश सरकार का यह कदम पोषण सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। आने वाले समय में यह योजना प्रदेशभर में स्वस्थ समाज के निर्माण की नींव रखेगी।