खुरई में 18 जुलाई को होगा वृहद वृक्षारोपण: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत 50,000 पौधे रोपे जाएंगे!

Spread the love

भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का प्रयास

पर्यावरण संरक्षण को लेकर खुरई में एक ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत 18 जुलाई को खुरई में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 50,000 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि एक व्यापक जन-सहभागिता वाला अभियान है, जिसमें हर नागरिक अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाएगा।

यह अभियान भारतीय संस्कृति और पर्यावरणीय चेतना का संगम है। इस पहल की प्रेरणा स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से मिली है, जिन्होंने 6 जून 2024 को बुद्धा जयंती पार्क में अपनी माँ के नाम पर पौधा लगाकर इस अभियान की शुरुआत की थी। इस वर्ष भी उन्होंने लोक कल्याण मार्ग पर “सिंदूर” का पौधा रोपित कर इस मुहिम को आगे बढ़ाया है।

विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, जो इस अभियान के प्रबल समर्थक हैं, ने बताया कि “एक पेड़ माँ के नाम” केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि यह हमारी धरती माँ और अपनी जैव विविधता के प्रति दायित्व का भाव है। वृक्षों को मातृत्व के प्रतीक के रूप में मानकर उनकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक और सांस्कृतिक कर्तव्य है।

भारत सरकार इस अभियान के माध्यम से जलवायु परिवर्तन, भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण जैसी वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है। अब तक देशभर में 141 करोड़ पौधे “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 100 करोड़ पौधे स्कूली बच्चों द्वारा अपनी माँ के नाम पर रोपे गए।

भूपेन्द्र सिंह जी ने कहा कि भारतीय परंपरा में वृक्षों को देवतुल्य स्थान प्राप्त है—तुलसी, पीपल, वट, आंवला जैसे पौधे न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि वैज्ञानिक रूप से पर्यावरणीय संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वेदों, उपनिषदों और पुराणों में वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेड़ लगाना “महादान” के बराबर है।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि वर्तमान पीढ़ी ने पर्यावरणीय संकट को हल्के में लिया तो भविष्य भयावह होगा। जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वॉर्मिंग, वनों की कटाई, और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए विनाशकारी होगा। हाल ही में कनाडा, अमेरिका, यूरोप, मक्का और यूएई में गर्मी से उत्पन्न आपदाओं के उदाहरण देते हुए उन्होंने इस अभियान को जीवन रक्षक करार दिया।

विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने समस्त नागरिकों, विशेषकर युवाओं और छात्रों से इस वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” न केवल एक हरित संकल्प है, बल्कि माँ और मातृभूमि दोनों के प्रति प्रेम का सजीव प्रतीक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *