
प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से भेंट कर मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गेहूं की मात्रा बढ़ाने का आग्रह किया। श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में चावल की अपेक्षा गेहूं की खपत अधिक है, और चावल के दुरुपयोग की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में गेहूं का वितरण बढ़ाना हितग्राहियों के लिए अधिक उपयोगी होगा।
उन्होंने उपार्जन केंद्रों की सुविधाएं, सी-मोड गेहूं के लोडिंग-हैंडलिंग व्यय, और 1500 करोड़ की लंबित अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान कराने का भी आग्रह किया। साथ ही, मोटे अनाज के पुराने उपार्जन प्लान की स्वीकृति व उस पर मिलने वाले अनुदान को भी जारी करने की बात रखी। श्री राजपूत ने सहकारी संस्थाओं को मिलने वाले कमीशन की दर 43 रुपये प्रति क्विंटल करने, और मजदूरी मद में लेबर व्यय को 17.72 से बढ़ाकर 23 रुपये प्रति क्विंटल करने का भी अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया। इस भेंटवार्ता में प्रदेश की खाद्य नीति में जरूरी बदलावों और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर गहन चर्चा हुई, जिससे आने वाले समय में हितग्राहियों को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा।