भौंती के दुल्हई गांव में जमीन विवाद पर हिंसक झड़प: महिलाओं ने भी लाठियां उठाईं, दोनों पक्षों पर मामला दर्ज !

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शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के दुल्हई गांव में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शुक्रवार को दो परिवारों—जाटव और लोधी—के बीच लंबे समय से चल रहे जमीन के विवाद ने उस समय गंभीर मोड़ लिया जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठियों से हमला बोल दिया। महिलाओं ने भी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस हिंसा का वीडियो शनिवार को सामने आया, जिसमें महिलाएं दौड़ाकर लट्ठ चलाती नजर आ रही हैं।


घटना का विवरण

  • विवाद की जड़:
    जाटव और लोधी परिवार के बीच घर के बाहर एक छोटे जमीन के टुकड़े को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। लोधी परिवार का दावा है कि यह जमीन उनकी है, जबकि जाटव परिवार इसे अपना मानता है।
    शुक्रवार दोपहर, जब लोधी परिवार के सदस्य (राधा लोधी, कोमल लोधी, और सतीश लोधी) विवादित जमीन पर घास रखने लगे, तो जाटव परिवार (लाखन जाटव और रेखा जाटव) ने इसका विरोध किया।
  • विवाद का escalation:
    मामूली कहासुनी जल्द ही गाली-गलौज और फिर लाठियों से मारपीट में बदल गई। दोनों परिवारों के अन्य सदस्य भी इस झगड़े में शामिल हो गए।
    महिलाएं लाठियां लेकर एक-दूसरे पर हमला करती नजर आईं। कुछ लोग घायल होने के बाद भागने लगे, लेकिन उनका पीछा कर फिर से पीटा गया।

घायलों की स्थिति


लक्ष्मण जाटव का बयान

लक्ष्मण जाटव का कहना है कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियां इस जमीन पर रह रही हैं। उन्होंने बताया:

  • “लोधी समाज ने हाल ही में हमारे घर के पास जमीन खरीदी है और अब हमारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।”
  • “हमने जमीन के सीमांकन की पेशकश की, लेकिन उन्होंने बिना नपाई के जमीन को अपना बताकर हमला कर दिया।”
  • “उन्होंने धमकी दी है कि वे हमें यहां से निकाल देंगे।”

पुलिस की कार्रवाई

भौंती थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है।

  1. जाटव परिवार की शिकायत:
    सतीश लोधी, अजय लोधी, कामशरण लोधी, धर्मेंद्र लोधी, राधा लोधी, और कोमल लोधी के खिलाफ केस दर्ज।
  2. लोधी परिवार की शिकायत:
    रामकिशन जाटव, लक्ष्मण जाटव, शंकर जाटव, मोहर सिंह, और संपत जाटव के खिलाफ मामला दर्ज।

थाना प्रभारी अनिल भारद्वाज का बयान:
उन्होंने बताया कि यह विवाद घर के सामने जमीन के छोटे से टुकड़े को लेकर है। जांच जारी है और सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सामाजिक और कानूनी पहलू

  • जमीन विवाद:
    सीमांकन के अभाव में ऐसी झड़पें आम होती हैं। ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं।
  • महिलाओं की भागीदारी:
    इस झगड़े में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में बढ़ती आक्रामकता को दर्शाती है।
  • पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी:
    समय पर विवादित जमीन का सीमांकन और उचित मध्यस्थता हिंसा को रोक सकती थी।
  1. सुलह करवाना:
    दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराकर समझौता करवाना चाहिए।
  2. सख्त कार्रवाई:
    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह घटना दर्शाती है कि छोटे विवाद कैसे हिंसा और सामाजिक तनाव का कारण बन सकते हैं। प्रशासन को ऐसी घटनाओं से सबक लेकर भविष्य में रोकथाम के कदम उठाने होंगे।

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