वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर कलेक्टर संदीप जी.आर. ने दिए निर्देश — सख्ती से लागू होगी कार्ययोजना, मॉनीटरिंग और ट्रैफिक सुधार पर विशेष जोर !

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नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत कलेक्टोरेट में हुई उच्चस्तरीय बैठक, सभी विभागों को मिले स्पष्ट दिशा-निर्देश

सागर, 25 जुलाई 2025 |
शहर की वायु गुणवत्ता को सुधारने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टोरेट परिसर में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अब तक किए गए प्रयासों, योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर पीपीटी प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।

कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि “शहर की हवा की गुणवत्ता केवल एक पर्यावरणीय मसला नहीं, बल्कि आम जनजीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिसे लेकर सभी विभागों को मिलकर सख्त और समन्वित प्रयास करने होंगे।”

एनसीएपी फंड यूटीलाइजेशन की जानकारी मांगी

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री से एनसीएपी (NCAP) के तहत अब तक प्राप्त फंड की उपयोगिता और उसके प्रभाव को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि शहर के किन स्थानों पर फंड का प्रयोग किया गया और उसके परिणामस्वरूप वायु गुणवत्ता में किस स्तर का सुधार हुआ।

उन्होंने निर्देश दिए कि यूटीलाइजेशन से जुड़े डेटा और स्थानवार रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि आगामी कार्ययोजना और बजट व्यय में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।

ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार से घटेगा वायु प्रदूषण

कलेक्टर ने आरटीओ विभाग और यातायात पुलिस अधीक्षक मयंक सिंह को निर्देशित किया कि शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि अवैध पार्किंग, जाम और धीमी रफ्तार वाले वाहनों से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जिसे नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। इसमें ई-रिक्शा को बढ़ावा, डीज़ल वाहनों पर नियंत्रण, और ट्रैफिक रूट का पुनर्गठन प्रमुख बिंदु हो सकते हैं।

वायु गुणवत्ता की निरंतर मॉनीटरिंग जरूरी

कलेक्टर ने मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वायु गुणवत्ता की सतत मॉनीटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन के AQI (Air Quality Index) पर नजर रखी जाए और यदि किसी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बेहद खराब पाई जाए तो वहां विशेष अभियान चलाकर सुधार के प्रयास किए जाएं।

उन्होंने शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों पर निगरानी, कचरा जलाने पर प्रतिबंध, औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण, और हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विस्तार जैसे उपायों को प्राथमिकता से लागू करने की बात कही।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में मप्र प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्रीय अधिकारी श्री सतीश कुमार चौकसे, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल के क्षेत्रीय निर्देशालय की डॉ. रानू चौकसे वर्मा, यातायात पुलिस अधीक्षक मयंक सिंह, जिला आपूर्ति अधिकारी ज्योति बघेल, मकरोनिया नगर परिषद सीईओ पवन शर्मा, पीडब्ल्यूडी ईई, एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक सागर की वायु गुणवत्ता सुधार के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक गंभीर और ठोस पहल साबित हुई। अब सभी विभागों से अपेक्षा है कि वे निर्देशों के अनुरूप योजनाओं को जमीन पर उतारें ताकि नागरिकों को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण मिल सके।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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