“मां की पूजा नहीं, असल समर्थन की जरूरत: वी. रम्या की आत्महत्या ने समाज की विडंबनाओं को किया उजागर”

Spread the love

हमारे समाज में जहां मां की पूजा होती है, वहीं उसकी असल जरूरतों और संघर्षों को नजरअंदाज किया जाता है। 33 साल की वी. रम्या की आत्महत्या इसका भयावह उदाहरण है, जब एक छोटी सी घटना के बाद उसे सोशल मीडिया और समाज से बुरी तरह ट्रोल किया गया। इस ट्रोलिंग और मानसिक दबाव ने उसे डिप्रेशन में धकेल दिया, और वह आत्महत्या कर ली।

हमारे समाज में महिलाओं और खासकर माताओं को कभी भी पूरी इज्जत और समर्थन नहीं मिलता। वे महानता का प्रतीक होती हैं, लेकिन उनकी पहचान और मानसिक शांति की अनदेखी की जाती है। क्या हम केवल दिखावे के लिए मां की पूजा करते हैं, या उसे मानसिक शांति देने के लिए कुछ ठोस कदम उठाते हैं?

इस वीडियो एपिसोड में हम इन सभी सवालों पर चर्चा कर रहे हैं। आइए, इसे देखें और समाज में बदलाव की शुरुआत करें। महिलाओं को असल सम्मान और सहायता देना अब हमारी जिम्मेदारी है। Click the link below or above.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *