सागर संभाग में पदभार ग्रहण करते ही नवागत कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचे, इसके लिए समर्पण, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से कार्य करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में श्री सुचारी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता और आमजन तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर व्यापक समीक्षा की और अनेक निर्देश व चेतावनियां भी जारी कीं।

✅ समयसीमा में हो कार्य, न हो हितग्राही को परेशानी
कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं में अनावश्यक देरी न की जाए, किसी भी योजना में राशि के भुगतान में यदि देर होती है तो उसका उचित कारण होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें और आमजन से शिष्ट व्यवहार बनाए रखें।
🌱 पर्यावरणीय, शैक्षणिक और सामाजिक योजनाओं पर विशेष फोकस
- ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान में विकासखंडवार पौधरोपण की प्रगति की समीक्षा की गई।
- मध्यान्ह भोजन, रसोईयों के भुगतान, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कल्याणी विवाह योजना, लाड़ली लक्ष्मी और मातृत्व वंदना योजनाओं पर प्रभावी प्रचार-प्रसार और कार्यान्वयन की हिदायत दी गई।
- पोषण पुनर्वास केंद्रों को निरंतर सक्रिय रखने और पोषण आहार वितरण की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए।

🏫 शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार पर बल
- स्कूलों में नामांकन वृद्धि, 50% से कम रिजल्ट वाले स्कूलों में सुधारात्मक कार्य,
- समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण, मध्यान्ह भोजन की मॉनिटरिंग, साइकिल वितरण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
- विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश भी दिए।
🏛 राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता
- नामांतरण, सीमांकन एवं बंटवारा जैसे राजस्व प्रकरण लंबित न रहें।
- राजस्व न्यायालय में अधिकारी समय पर उपस्थित रहें, टूर डायरी संधारित करें।
- भू-अभिलेख डिजिटलीकरण, फसल बीमा के निरीक्षण, सीमांकन की प्राथमिकता सूची पर काम करने के निर्देश।

🏥 स्वास्थ्य, पोषण और छात्रावास व्यवस्थाओं पर फोकस
- सीएमएचओ को स्वास्थ्य संस्थानों में सुधार के निर्देश।
- 31 अगस्त तक सांदीपनि विद्यालय भवन और 31 अक्टूबर तक जिला अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य पूर्ण करने के निर्देश।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक और परियोजना अधिकारियों के कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश।
🚜 कृषि, पशुपालन और आदिवासी कल्याण पर विशेष निर्देश
- कृषि विभाग को किसानों के सतत संपर्क में रहने, बीज-खाद की उपलब्धता पर निगरानी तथा सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश।
- पशुपालन विभाग को केसीसी, टीकाकरण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार लाने को कहा गया।
- जनजातीय कार्य विभाग को छात्रवृत्ति, छात्रावास गुणवत्ता और शिविरों के माध्यम से सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश।

💡 बिजली, पेयजल और निर्माण कार्यों की समीक्षा
- बिजली आपूर्ति में सुधार, ट्रांसफार्मर व पोल सुधार कार्य, शिविर लगाकर उपभोक्ता समस्याओं का समाधान।
- सड़क और पुल-पुलिया निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
- जल संसाधन विभाग को बांधों से पानी छोड़ने से पहले जानकारी देने और विस्थापन संबंधी समस्याओं के समाधान की हिदायत।
🏨 छात्रावास निरीक्षण: अव्यवस्थाओं पर नाराजगी
कमिश्नर श्री सुचारी ने शासकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, बायपास रोड का औचक निरीक्षण किया।
छात्रों द्वारा बताई गई समस्याओं जैसे –
- खराब भोजन,
- टंकी व मोटर खराब होने से पेयजल संकट,
- टीवी, प्रकाश एवं साफ-सफाई का अभाव – पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई।
छात्रावास अधीक्षक को फटकार लगाई गई और सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी गई।
कमिश्नर ने छात्रावास परिसर, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।

नवागत कमिश्नर श्री अनिल सुचारी की पहली समीक्षा बैठक से ही स्पष्ट हो गया है कि वे प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले अधिकारी हैं। उन्होंने योजनाओं के सफल संचालन के लिए विभागों की समन्वयात्मक कार्यशैली को मजबूत करने और निरंतर निरीक्षण और मॉनिटरिंग पर जोर दिया। जनता से जुड़े हर विभाग को सतर्क कर दिया गया है कि कहीं भी लापरवाही या देरी हुई, तो सख्त कार्यवाही तय है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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