श्योपुर जिले के आमलदा गांव में पार्वती नदी की बाढ़ ने एक हृदयविदारक हादसे को जन्म दिया। बुधवार रात ताऊ राजू यादव (45) और उनका 13 वर्षीय भतीजा शिवम खेत में बाढ़ से सामान बचाने गए थे, लेकिन दोनों की मौत हो गई। गुरुवार सुबह उनके शव खेत में एक-दूसरे से लिपटे मिले। शिवम की उंगलियां ताऊ के बालों में उलझी थीं, वहीं राजू की मुट्ठी में भतीजे के पैर थे, मानो अंतिम सांस तक एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।

परिवार वालों के अनुसार, शिवम हाल ही में छुट्टी में छात्रावास से गांव आया था। राजू और शिवम खेत पर ट्यूबवेल के पाइप देखने गए थे, लेकिन देर रात तक नहीं लौटे। परिजन ढूंढते रहे लेकिन बारिश और पानी के चलते रात में खोज नहीं हो सकी। अगली सुबह जब लोग खेत पर पहुंचे तो दोनों के शव कीचड़ में पड़े मिले।

ग्रामीणों का मानना है कि शिवम ने ताऊ के कंधों पर बैठकर बाढ़ का पानी पार करने की कोशिश की होगी। यह दृश्य पूरे गांव को झकझोर गया। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।