मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सागर इकाई द्वारा महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण हेतु कृषि क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। जिले में कच्चे केले की बढ़ती मांग को देखते हुए डेमो के रूप में जी-9 प्रजाति के केले के पौधे जलग्रहण मिशन और एस.एफ.आई. के सहयोग से मंगवाए गए। ग्राम कनेरा गौड़, विकासखंड जैसीनगर में श्री श्याम स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती भागवाई बाबूलाल पटैल ने इन पौधों को ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से लगाया, जो अब फलने लगे हैं।

इन पौधों की खासियत यह है कि प्रत्येक पौधे में 100 से अधिक फल एक समान आकार के हैं। पारंपरिक विधियों में यह संभव नहीं होता। टिशू कल्चर से तैयार यह जी-9 प्रजाति व्यवसायिक खेती के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। अतिरिक्त पौधों (शकर्स) को खेत की बाउंड्री पर लगाकर विस्तार भी किया गया।
कलेक्टर संदीप जीआर ने इसे जिले में लाभकारी खेती की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया। अब महिला समूह पीएमएफएमई योजना से लाभ लेकर कच्चे केले से चिप्स, चेक्डा जैसे उच्च मूल्य उत्पाद बनाकर आजीविका को नई दिशा दे सकते हैं।