शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होता है जब हर वर्ग के छात्रों को समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए सागर जिले के कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. द्वारा एक प्रेरणादायक पहल की गई है। जिले में संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के छात्रावासों में निवासरत छात्र-छात्राओं को JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी हेतु उच्च गुणवत्ता वाली प्रतियोगी पुस्तकों का वितरण किया गया।

यह प्रयास उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण तैयारी नहीं कर पाते थे। अब उन्हें बेहतर मार्गदर्शन के साथ-साथ प्रामाणिक कोचिंग संस्थानों द्वारा तैयार की गई पुस्तकें भी निशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास दोगुना हो गया है।
📘 पुस्तक वितरण का आयोजन
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग के निर्देशन में यह कार्यक्रम तीन स्थानों पर आयोजित किया गया:
- सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास, सिविल लाइन सागर
- शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट कन्या छात्रावास, सागर
- शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट बालक छात्रावास, सागर
हर केंद्र पर छात्र-छात्राओं को JEE (Joint Entrance Examination) और NEET (National Eligibility cum Entrance Test) की विस्तृत तैयारी के लिए विषयवार पुस्तकें दी गईं। यह पुस्तकें भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और गणित जैसे विषयों को कवर करती हैं। साथ ही सॉल्व्ड पेपर्स, मॉक टेस्ट सीरीज, और कांसेप्ट-क्लियरिंग गाइड भी शामिल हैं।
🌟 विद्यार्थियों ने जताया आभार
किताबें प्राप्त करते ही छात्रों के चेहरे पर मुस्कान और आँखों में चमक साफ देखी जा सकती थी। छात्रा नेहा अहिरवार (11वीं कक्षा) ने कहा,
“NEET की तैयारी के लिए अच्छी किताबों की जरूरत थी, लेकिन इन्हें खरीदना हमारे परिवार के लिए मुश्किल था। अब जब ये किताबें हमें मिल गई हैं, तो हमारा आत्मविश्वास और उत्साह दोनों बढ़ गया है।”
वहीं छात्र राहुल जाटव ने कहा,
“हमारा सपना इंजीनियर बनना है, लेकिन कोचिंग और किताबों के अभाव में मुश्किल हो रहा था। अब यह किताबें हमें सही दिशा देंगी और हम पूरी मेहनत से पढ़ाई कर सकेंगे।”
📚 समान अवसर की दिशा में मजबूत कदम
सागर जिले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कई होनहार छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनमें अपार प्रतिभा है, लेकिन आर्थिक सीमाएं उनके मार्ग में बाधा बनती हैं। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए यह योजना बनाई कि जिले के छात्रावासों में रहकर पढ़ने वाले प्रतिभावान छात्रों को JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की उचित तैयारी कराई जा सके।
कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा –
“हमारा लक्ष्य है कि कोई भी छात्र केवल संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को अधूरा न छोड़े। ये पुस्तकें केवल किताबें नहीं, बल्कि इन बच्चों के सपनों की कुंजी हैं।”
🧑🏫 अधिकारियों की सहभागिता
पुस्तक वितरण के इस कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक, विद्यालय प्राचार्य, शिक्षकगण एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को इन पुस्तकों का सही उपयोग करने और नियमित अध्ययन की सलाह दी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को समय-समय पर ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने, समूह अध्ययन करने तथा नोट्स बनाने की आदत विकसित करने की भी प्रेरणा दी गई।
🎯 भविष्य की राह
इस पहल से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन अब सिर्फ बुनियादी शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे JEE और NEET की तैयारी में भी सरकारी स्तर पर सहयोग प्रदान करने को तत्पर है।
आने वाले समय में जिले के अन्य छात्रावासों में भी इस तरह के पुस्तक वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मेंटरशिप, करियर काउंसलिंग और ऑनलाइन संसाधनों की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
सागर जिले में कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. द्वारा शुरू की गई यह पहल सामाजिक न्याय, शिक्षा और समान अवसर की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे न केवल अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपना और जिले का नाम रोशन करेंगे।
यह उदाहरण पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर प्रतिभाओं को संवारने का प्रयास करें, तो किसी भी संसाधनहीन छात्र को पीछे नहीं रहना पड़ेगा।