बित पेंशन प्रकरणों और औद्योगिकीकरण को लेकर कमिश्नर अनिल सुचारी ने दिए अहम निर्देश !

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सागर संभाग के कमिश्नर श्री अनिल सुचारी ने सोमवार को कोष एवं लेखा विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच, न्यायालयीन प्रकरण अथवा लोकायुक्त जांच जैसे मामलों को छोड़कर सामान्य श्रेणी के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद पेंशन संबंधी दस्तावेज समय-सीमा में पेंशन कार्यालय को भेजे जाएं।

कमिश्नर ने विशेष रूप से संयुक्त संचालक पेंशन को निर्देश दिए कि वे पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण और वेतन निर्धारण हेतु सागर संभाग के सभी जिलों में विशेष शिविरों का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके जीवन यापन के लिए पेंशन समय पर मिलना अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्तमान में सागर संभाग में लगभग 366 पेंशन प्रकरण लंबित हैं जिनके निराकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान दमोह जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक स्थापना लिपिक द्वारा पेंशन और वेतन निर्धारण के शासकीय कार्यों में अनावश्यक परेशान किए जाने की शिकायत पर कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।

औद्योगिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं की भी हुई समीक्षा

मंगलवार को आयोजित एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक में कमिश्नर श्री सुचारी ने उद्योग एवं सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सागर संभाग में औद्योगिकीकरण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए और लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना हेतु उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सागर संभाग में औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं, जिनका अधिकतम दोहन किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों की सराहना की और अन्य जिलों को भी निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को भूमि आवंटन की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना का करें प्रचार-प्रसार

बैठक में सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक अभिनव योजना है, जिसका लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए जनजागरण आवश्यक है। उन्होंने संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिए कि विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।

इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों के परीक्षण हेतु संभाग के सभी जिलों में शिविर आयोजित करने और पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग, ट्राइसाइकिल आदि वितरण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा तथा निशक्त पेंशन योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्री राकेश शुक्ला, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय श्री डीएस यादव, संयुक्त संचालक उद्योग समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सभी योजनाओं और प्रकरणों में त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्य प्रणाली अपनाई जाए ताकि जनहित की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुंचे।

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