डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान, 21 से 25 अगस्त तक होंगे विविध कार्यक्रम

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सागर।
डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में 21 से 25 अगस्त तक नशा मुक्त भारत अभियान के तहत पांच दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान छात्रों और शिक्षकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नुक्कड़ नाटक, स्लोगन लेखन, पोस्टर निर्माण, जिंगल-गीत प्रतियोगिता और व्याख्यान जैसी गतिविधियां होंगी।


मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के मुख्य समारोह में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर –

  • लता गणपति, संयुक्त सचिव (नशा निवारण प्रभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय)
  • हिमानी खन्ना, पुलिस महानिरीक्षक, सागर

इस अवसर पर अंग्रेजी और यूरोपियन भाषा विभाग के नए सरोजिनी नायडू भवन का लोकार्पण किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर केंद्रित पुस्तकों का विमोचन भी होगा।


नोडल अधिकारी का बयान

अभियान की नोडल अधिकारी प्रो. चंदा बेन ने कहा कि पांच दिनों तक आयोजित होने वाली गतिविधियों में छात्रों और समाज दोनों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

गतिविधियों में शामिल होंगे –

  • छात्रावास समितियों का गठन
  • व्याख्यान एवं सामुदायिक जागरूकता अभियान
  • नुक्कड़ नाटक
  • स्लोगन और पोस्टर निर्माण
  • जिंगल-गीत निर्माण
  • सोशल मीडिया अभियान

किस दिन क्या होगा – विस्तृत कार्यक्रम

  • 21 अगस्त : प्रशासनिक भवन, कॉमर्स विभाग और इंजीनियरिंग विभाग में कुलपति द्वारा नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।
  • 22 अगस्त : स्लोगन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित होगी।
  • 23 अगस्त : सामुदायिक जागरूकता अभियान चलेगा।
  • 23-24 अगस्त : छात्रावासों में निबंध, भाषण और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं होंगी।
  • 25 अगस्त : मुख्य समारोह होगा, जिसमें पोस्टर प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक और जिंगल-गीत प्रदर्शन होंगे। इसी दिन विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।

नशा मुक्ति के संदेश को मजबूत करने का प्रयास

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से जागरूक कर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना है। सामाजिक न्याय मंत्रालय और पुलिस विभाग का सहयोग इस जागरूकता को और व्यापक स्तर तक ले जाने में मदद करेगा।


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