भोपाल, 22 अगस्त 2025
भोपाल प्रशासन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के कुख्यात मछली परिवार की तीन मंजिला आलीशान कोठी को जमींदोज कर दिया। यह वही परिवार है, जिसके सदस्य शाहवर मछली और यासीन पर कॉलेज छात्राओं से जुड़े रेप और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों की गिरफ्तारी के बाद इस परिवार की काली करतूतें उजागर हुईं और प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए उनके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया।

कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासन और पुलिस का भारी अमला नर्मदापुरम रोड इलाके में पहुंचा।
- 6 जेसीबी और पोकलेन मशीनें मौके पर लगाई गईं।
- नगर निगम कर्मचारियों और पुलिस बल ने कोठी को चारों ओर से घेर लिया।
- कोठी के अंदर रखा सामान पहले बाहर निकलवाया गया, उसके बाद ध्वस्तीकरण शुरू हुआ।
- कार्रवाई लगातार साढ़े पांच घंटे तक चली और शाम 4:30 बजे इस अवैध निर्माण को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया।
मौके पर एसडीएम विनोद सोनकिया, नगर निगम के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

कैसी थी मछली परिवार की कोठी?
मछली परिवार की यह कोठी अवैध होने के साथ-साथ भव्य भी थी।
- निर्माण वर्ष: 1990
- कुल क्षेत्रफल: 15 हजार स्क्वायर फीट सरकारी जमीन
- मंजिलें: तीन
- कमरे: 30 से ज्यादा
- अनुमानित कीमत: 20 से 25 करोड़ रुपए
- अतिरिक्त सुविधाएं: गैरेज, पार्क और बच्चों के लिए झूला घर
यह आलीशान कोठी सरकारी जमीन पर बनी थी। पुलिस और प्रशासन के अनुसार यह जगह लंबे समय से कब्जाई हुई थी, जिसे अब मुक्त कराया गया है।

शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी
इस कार्रवाई से पहले पुलिस ने मछली परिवार के शाहवर और उसके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था। दोनों पर कॉलेज छात्राओं से रेप और ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप है।
- गिरफ्तारी के बाद शारिक मछली, जो इनका चाचा है, वह भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है।
- पुलिस का कहना है कि यह पूरा परिवार लंबे समय से ड्रग्स तस्करी, अवैध गतिविधियों और छात्राओं के शोषण में शामिल रहा है।

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
दो दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ शब्दों में कहा था कि:
“लव जिहाद हो या ड्रग्स माफिया, इस तरह के अपराधियों को हम छोड़ेंगे नहीं। इन्हें नेस्तनाबूद कर देंगे।”
सीएम ने यह बयान भोपाल में विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में दिया था। उनके इस बयान के बाद मछली परिवार पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई थी।
जनता का रुख
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हुए।
- लोग प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को देखकर राहत महसूस कर रहे थे।
- कई लोगों का कहना था कि इस परिवार का इलाके में खौफ था और प्रशासन ने बड़ी राहत दी है।

भोपाल का मछली परिवार लंबे समय से अवैध कारोबार, ड्रग्स तस्करी और अपराधों में सक्रिय था। छात्राओं से जुड़े रेप-ब्लैकमेलिंग केस ने इस परिवार की सच्चाई उजागर कर दी। इसके बाद प्रशासन ने कानून का डंडा चलाया और करोड़ों की कोठी को जमींदोज कर दिया।
यह कार्रवाई केवल एक अवैध निर्माण तोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपराधियों को यह संदेश भी देती है कि चाहे अपराध कितना भी बड़ा हो और अपराधी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, सरकार और प्रशासन कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगा।