राजधानी भोपाल के कुख्यात ‘मछली’ परिवार पर जिला प्रशासन और पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। हथाईखेड़ा डैम के आसपास करीब 125 करोड़ रुपए की 7 अवैध प्रॉपर्टी को प्रशासन ने बीते 23 दिनों के भीतर ध्वस्त कर दिया है। अब प्रशासन को आशंका है कि इस परिवार ने कृषि भूमि पर भी कब्जा किया है। इसको लेकर राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की टीम जांच में जुटी है।

कृषि भूमि पर कब्जे का अंदेशा
अफसरों के मुताबिक कुछ जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिली हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह जमीनें भी ‘मछली’ परिवार के ही कब्जे में हैं या नहीं। प्रशासन का कहना है कि पूरी पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
30 जुलाई और 21 अगस्त को बड़ी कार्रवाई
- 30 जुलाई को पहली कार्रवाई में हथाईखेड़ा डैम किनारे बनीं 6 अवैध बिल्डिंगें तोड़ी गई थीं। इनकी और सरकारी जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
- 21 अगस्त को दूसरी बड़ी कार्रवाई में डैम से कुछ दूरी पर बनी आलीशान 3 मंजिला कोठी को जमींदोज किया गया। यह करीब 15 हजार स्क्वायर फीट में बनी थी और साल 1990 के आसपास इसका निर्माण हुआ था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपए बताई गई।

अपराध और अवैध कारोबार में संलिप्त
‘मछली’ परिवार का नाम सिर्फ अवैध कब्जों तक सीमित नहीं है। पिछले महीने शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन मछली को पुलिस ने रेप-ब्लैकमेलिंग केस में गिरफ्तार किया था।
- दोनों को गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर पकड़ा गया था।
- तलाशी में पुलिस ने एमडी ड्रग, देशी पिस्टल और आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए थे।
- मोबाइल से ऐसे वीडियो भी मिले, जिनमें यासीन युवकों को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटता हुआ दिखाई दे रहा था।
- पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राजस्थान से नशे का सामान लाकर भोपाल के पब और लाउंज में सप्लाई करते थे।

अब तक क्या-क्या जब्त और तोड़ा गया?
- हथाईखेड़ा डैम किनारे बनी 6 इमारतें
- 3 मंजिला आलीशान कोठी
- गैराज, पार्क और पोर्च सहित आलीशान ढांचा
- कुल मूल्य: लगभग 125 करोड़ रुपए
प्रशासन की सख्ती जारी
तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, “अब तक दो बड़ी कार्रवाई में अधिकांश कब्जे हटाए जा चुके हैं। लेकिन कुछ नए मामले सामने आए हैं, जिनकी जांच राजस्व टीम कर रही है। यदि आगे भी कब्जा साबित होता है तो बिना देरी बुलडोजर चलाया