सागर का गिफ्टेड चाइल्ड अनय गौतम : 7 साल की उम्र में असाधारण मेमोरी;

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सागर, 24 अगस्त 2025
सागर का नन्हा बालक अनय गौतम उम्र महज 7 साल का है, लेकिन उसकी प्रतिभा देखकर बड़े-बड़े दंग रह जाते हैं। सामान्य बच्चों की तरह दिखने वाले अनय की खासियतें ऐसी हैं, जिन्हें जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। अनय की स्मरण शक्ति और आईक्यू स्तर अपनी उम्र से कहीं आगे है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने उन्हें गिफ्टेड चाइल्ड यानी प्रतिभावान बालक करार दिया है।


मेमोरी इतनी तेज कि सालभर तक याद रहता है

अनय जो भी एक बार पढ़ता है, उसे 8 महीने से लेकर एक साल तक जस का तस याद रहता है। स्कूल या घर में कही गई बातें उसकी स्मृति में लंबे समय तक रहती हैं।

  • दुनिया का नक्शा और झंडे पहचानने में माहिर – अनय पजल के जरिए कुछ ही मिनटों में पूरी दुनिया के देशों को उनकी सही जगह पर फिट कर देता है। किसी भी देश का झंडा दिया जाए, वह तुरंत सही देश पर लगा देता है।
  • राज्यों की राजधानी याद – अनय को भारत के सभी राज्यों की राजधानी जबानी याद है।
  • भाषाओं में रुचि – अंग्रेजी के साथ-साथ वह मंगोलियन और अरेबिक अल्फाबेट भी जानता है।

पिता से प्रेरणा, बोर्ड पर हूबहू उतार देता है डेरिवेशन

अनय के पिता अखिलेश गौतम शासकीय स्कूल में फिजिक्स के शिक्षक हैं। जब वे 12वीं के छात्रों को फिजिक्स पढ़ाते हैं और बोर्ड पर डेरिवेशन लिखते हैं, तो अनय उसी समय दूसरे बोर्ड पर हूबहू वही डेरिवेशन उतार देता है। पिता का कहना है कि शुरू में उन्हें यह सामान्य लगा, लेकिन धीरे-धीरे समझ आया कि बेटे की क्षमता असाधारण है।

अनय को क्ले मॉडलिंग और ड्राइंग का भी शौक है। कई बार वह मिट्टी से चीजें बनाकर सबको चौंका देता है।


मां ने साझा किया अनुभव

अनय की मां दीक्षा गौतम बताती हैं कि—

“जब तक अनय स्कूल नहीं गया, हमें यह अंदाजा नहीं था कि वह अपनी उम्र से अलग है। केंद्रीय विद्यालय-3 में एडमिशन के बाद टीचर्स ने बताया कि वह हाइपर एक्टिव बच्चा है और सामान्य बच्चों से ज्यादा क्रिएटिव है। उसकी एक्टिविटी और आईक्यू देखकर हमें भी समझ आया कि वह कुछ हटकर है।”

दीक्षा कहती हैं कि अनय को ज्यादा देर तक किसी एक काम में बांधकर रखना मुश्किल है, इसलिए उन्होंने हमेशा उसे ऐसी एक्टिविटीज़ में व्यस्त रखने की कोशिश की जिससे उसका ध्यान सही दिशा में रहे।


स्पेशल एजुकेटर की राय

स्पेशल एजुकेटर दीपक ठाकुर का कहना है कि अनय जैसे बच्चे दुर्लभ होते हैं।

“गिफ्टेड चाइल्ड की मेमोरी और आईक्यू सामान्य बच्चों से बहुत ज्यादा होता है। लेकिन इनके साथ चुनौती यह होती है कि इनका एनर्जी लेवल बहुत हाई होता है। यदि इन्हें सही दिशा न दी जाए, तो ये हाइपर होकर गलतियां कर सकते हैं।”

उन्होंने सलाह दी कि 12 साल की उम्र तक ऐसे बच्चों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। इन्हें हमेशा नई-नई गतिविधियों में व्यस्त रखना चाहिए ताकि उनकी ऊर्जा और क्षमता का सही उपयोग हो सके।


पिता का दृष्टिकोण

पिता अखिलेश गौतम बताते हैं कि—

“हमें अनय को सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा ध्यान देना पड़ता है। हमें उसके साथ समय बिताना होता है, उसे घुमाने ले जाना होता है और उसकी हर एक्टिविटी पर नजर रखनी होती है। ऐसा न करने पर उसका एनर्जी लेवल कंट्रोल से बाहर हो सकता है।”


नन्हे जीनियस का भविष्य

विशेषज्ञ मानते हैं कि अनय जैसे बच्चों को सही दिशा और माहौल मिले तो वे आने वाले समय में देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उनकी प्रतिभा न केवल परिवार बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायी होती है।

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