एनसीसी का 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर शुरू;

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500 कैडेट्स ले रहे हैं सैन्य, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रशिक्षण

सागर, 20 अगस्त 2025।
मध्यप्रदेश बालिका बटालियन एनसीसी, सागर के तत्वावधान में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-181) 18 अगस्त से शुरू होकर 27 अगस्त 2025 तक चलेगा। यह शिविर एसकेएन यूनिवर्सिटी, सिरोजा परिसर में संचालित हो रहा है, जिसमें करीब 500 कैडेट्स सीनियर विंग, जूनियर विंग और बेस्ट कैडेट्स श्रेणी से भाग ले रहे हैं।

सैन्य अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर

शिविर में कैडेट्स को फायरिंग, ड्रिल, मैप रीडिंग, टेंट पिचिंग, ओटी, पीटी और योगा जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन अभ्यासों का उद्देश्य न केवल उन्हें एनसीसी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है, बल्कि उनके भीतर अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करना है।

शिविर कमांडेंट कर्नल सुजीत डी. देशमुख और डिप्टी कैंप कमांडेंट मेजर प्रतिभा तिवारी ने बताया कि इस तरह के शिविर कैडेट्स को राष्ट्र सेवा और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में तैयार करते हैं।

प्रतियोगिताओं से निखर रही प्रतिभा

सिर्फ सैन्य अभ्यास ही नहीं, कैडेट्स की सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रतिभाओं को भी मंच दिया जा रहा है। शिविर के दौरान वाद-विवाद, एकल नृत्य, नाटक, चित्रकला जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। इन प्रतियोगिताओं से कैडेट्स के आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण कौशल में वृद्धि हो रही है।

सर्टिफिकेट परीक्षाओं के लिए आवश्यक

एनसीसी के ए, बी और सी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेना अनिवार्य है। प्रशिक्षक दल ने बताया कि यह शिविर न केवल कैडेट्स को परीक्षाओं के लिए तैयार करता है, बल्कि उनके भीतर राष्ट्रप्रेम, आपसी भाईचारा और टीम भावना को भी प्रबल करता है।

शिविर संचालन में समर्पित स्टाफ

शिविर की व्यवस्थाओं में सूबेदार मेजर धनत्तर सिंह, एडम सूबेदार मेजर सतीश कुमार, समस्त पीआई स्टाफ, एएनओ और सिविल स्टाफ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। उनके कुशल समन्वय से शिविर की गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

कैडेट्स का अनुभव

शिविर में शामिल कैडेट्स का कहना है कि यहां उन्हें किताबों से परे जीवन कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है। “इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ रहा है और हम भविष्य में समाज और देश के लिए बेहतर कार्य कर पाएंगे,” एक कैडेट ने साझा किया।

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