कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बिहार के मुजफ्फरपुर में चल रही वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कहा कि भाजपा ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में धांधली कर सत्ता हासिल की है। राहुल गांधी ने तीखे अंदाज में कहा – “अब हमारे पास सबूत है। महाराष्ट्र में भाजपा ने हद कर दी और चोरी पकड़ में आ गई।”

कमलनाथ का समर्थन
राहुल गांधी के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स (ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी का वीडियो साझा करते हुए लिखा –
“हमारे नेता राहुल गांधी ने आज बिहार के मुजफ्फरपुर की सभा में स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 चोरी किया गया था। प्रदेश की जनता कांग्रेस पार्टी को जिताना चाहती थी और उसने वोट भी कांग्रेस को दिया था। अब हमें हर स्तर पर वोट चोरी रोकने के लिए तैयार रहना होगा।”
कमलनाथ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आगामी चुनावों में पूरी ताकत से जुटें और भाजपा की साजिशों को नाकाम करें।

“गुजरात मॉडल वोट चोरी का मॉडल है” – राहुल
राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा के चर्चित गुजरात मॉडल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा –
“गुजरात मॉडल कोई आर्थिक मॉडल नहीं है। यह वोट चोरी करने का मॉडल है। 2014 से पहले गुजरात में जो शुरू हुआ, वही 2014 के बाद पूरे देश में लागू किया गया। महाराष्ट्र और गुजरात में चुनाव चोरी हुए। अब यह सिलसिला राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है।”
“40-50 साल का राज क्यों कहती है भाजपा?”
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा –
“कुछ समय पहले अमित शाह ने कहा था कि भाजपा 40-50 साल तक देश पर राज करेगी। राजनीति में किसी को यह नहीं पता होता कि अगले दिन क्या होगा। लेकिन अमित शाह को 40 साल का राज कैसे दिखाई देता है? क्योंकि वे वोट चोरी कर रहे हैं। यही उनकी असली योजना है।”

राजनीतिक माहौल गरमाया
राहुल गांधी के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। भाजपा नेताओं ने अभी तक इस पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर जनता के बीच उठाएंगे।
विशेष रूप से मध्यप्रदेश में, जहां 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को उम्मीद से कम सीटें मिलीं, कांग्रेस ने पहले भी ईवीएम गड़बड़ी और चुनाव में धांधली की आशंका जताई थी। अब राहुल गांधी और कमलनाथ दोनों के बयानों ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।
राहुल गांधी के आरोपों ने एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस इसे अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाकर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं अब सबकी निगाहें भाजपा की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद देश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।