गार्ड और ड्राइवर के खुलासे – इति बार-बार रेप केस की धमकी देती थी, 25 लाख में हुआ था समझौता
इंदौर। पब संचालक भूपेंद्र रघुवंशी (45) की आत्महत्या मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में अब इति तिवारी की सहेली अरिशा जैन का नाम भी सामने आया है। भूपेंद्र के गार्ड सौरभ और ड्राइवर शुभम शर्मा ने पुलिस को बताया कि इति की ज्यादातर हरकतों की गवाह उसकी सहेली अरिशा ही है। ऐसे में पुलिस जल्द ही अरिशा से पूछताछ कर सकती है।

दो साल से रिलेशन में थी इति
गार्ड और ड्राइवर के अनुसार, इति तिवारी बीते दो साल से भूपेंद्र के साथ रिलेशन में थी। मुंबई से आने पर वह अक्सर बहन शुभांगी के घर रुकती थी और शहर की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में भूपेंद्र के साथ शामिल होती थी।
धमकी और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला
ड्राइवर शुभम ने बयान दिया कि इति कई बार भूपेंद्र को रेप केस में फंसाने की धमकी दे चुकी थी। एक बार तो दोस्त दीपेश मोटवानी और बिजनेस पार्टनर श्रीकांत की मौजूदगी में 25 लाख रुपए में समझौता कराया गया था। इसके बाद भी इति का ब्लैकमेलिंग का सिलसिला जारी रहा।
फार्म हाउस पार्टी में भी हुआ झगड़ा

भूपेंद्र के जन्मदिन पर खुड़ैल के फार्म हाउस में पार्टी के दौरान भी इति और भूपेंद्र के बीच कहासुनी हुई थी। उस वक्त भी अरिशा उसके साथ मौजूद थी।
ड्राइवर बना सबसे बड़ा गवाह
भूपेंद्र का ड्राइवर शुभम न केवल घटनास्थल पर उनके साथ था, बल्कि आत्महत्या वाले दिन वह भूपेंद्र को अस्पताल भी लेकर गया था। उसने पुलिस को साफ कहा कि इति की ब्लैकमेलिंग और दबाव ही भूपेंद्र की मौत की वजह बना।
सुसाइड नोट्स में इति का जिक्र
भूपेंद्र द्वारा लिखे गए चार सुसाइड नोट्स में बार-बार इति तिवारी का नाम आया है। नोट्स में लिखा गया है कि –
- इति ने उसे रेप केस में फंसाने की धमकी दी।
- 25 लाख में समझौते के बाद भी दबाव बनाती रही।
- लगातार महंगे गिफ्ट्स, कार और फ्लैट की डिमांड करती थी।
- फोन हैक करने और सबूत रखने की बात भी कही थी।
- इंदौर और मुंबई, दोनों जगह से उस पर दबाव डाला जाता रहा।

बेटी के आने के बाद अंतिम संस्कार
भूपेंद्र की बेटी अमेरिका से आज इंदौर पहुंच रही है। इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच शव चोइथराम अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है।