समलैंगिक दोस्त के साथ रहने के लिए सौतेली मां का मर्डर, 4 महीने तक रची साजिश;

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सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपने समलैंगिक दोस्त के साथ रहने की चाहत और मां की रोक-टोक से नाराज होकर सौतेली मां की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी ने चार महीने तक प्लानिंग की थी। हत्या के बाद आरोपी और उसका दोस्त रुपए व गहने लेकर फरार हो गए, लेकिन मोबाइल लोकेशन ने उनकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने दोनों को विदिशा जिले के सिरोंज से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


घटना कैसे हुई?

गोपालगंज थाना क्षेत्र की नाखरे वाली गली निवासी नारायण सिंह 22 अगस्त की शाम बाजार गए थे। घर पर उनकी पत्नी साधना (46) और छोटा बेटा अजय मौजूद था। जब नारायण सिंह लौटे तो दरवाजा खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो साधना खून से लथपथ पड़ी थी। यह देख वह चीख उठे। आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

पड़ताल में सामने आया कि हत्या के बाद अजय घर से गायब है और उसका मोबाइल भी बंद है। पुलिस ने उसे संदेही मानते हुए तलाश शुरू की।


मोबाइल लोकेशन से खुला राज

पुलिस ने अजय की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि वह लगातार एक नंबर पर बात कर रहा था। उस नंबर की लोकेशन विदिशा जिले के सिरोंज में मिली। गोपालगंज थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा और कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल की टीम ने दबिश देकर अजय और उसके दोस्त राहुल उर्फ देव यादव (निवासी देवास) को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने साधना की हत्या करना स्वीकार कर लिया।


हत्या की वजह क्या थी?

पुलिस जांच में सामने आया कि अजय और राहुल समलैंगिक संबंध में हैं और एक साथ रहना चाहते थे। इसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। अजय की सौतेली मां साधना उसके व्यवहार को लेकर टोका करती थी और पैसों की मांग पर भी आपत्ति जताती थी। यह बात अजय को नागवार गुजरी।

पूछताछ में अजय ने बताया कि साधना उसे रोज डांटती और दोस्त राहुल से बात करने से रोकती थी। इसी कारण उसने राहुल के साथ मिलकर मां को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।


चार महीने से चल रही थी साजिश

अजय और राहुल की दोस्ती पीथमपुर में हुई थी, जहां दोनों पहले काम करते थे। करीब डेढ़ साल से दोनों संपर्क में थे। अजय सागर लौट आया लेकिन राहुल से उसका संपर्क बना रहा। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि दोनों पिछले चार महीनों से साधना को मारने की साजिश रच रहे थे।

22 अगस्त को अजय और साधना के बीच कहासुनी हुई। पिता ने समझाइश देकर मामला शांत कराया, लेकिन अजय ने यह पूरी बात राहुल को बताई और उसे उसी दिन सागर बुला लिया। शाम को जैसे ही पिता घर से बाहर गए, दोनों ने मिलकर साधना की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर अलमारी से गहने व नकदी लेकर भाग निकले।


पिता का बयान

नारायण सिंह ने पुलिस को बताया कि पत्नी और बेटे के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। घटना वाले दिन भी विवाद हुआ था, लेकिन उन्होंने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया और बाजार चले गए। लौटकर आए तो पत्नी की लाश देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।


पुलिस का ऐक्शन

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गोपालगंज थाना प्रभारी ने बताया कि अजय और राहुल ने जुर्म कबूल कर लिया है। मामले की विवेचना जारी है और दोनों के खिलाफ हत्या व लूट का केस दर्ज किया गया है।

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