खरगोन में कुत्ते के लिए कॉन्स्टेबल की पिटाई, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप;

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खरगोन जिले से पुलिस महकमे की साख पर सवाल खड़े करने वाली चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) ने अपने पालतू कुत्ते के गुम होने पर कॉन्स्टेबल की बेल्ट से पिटाई कर दी। पीड़ित कॉन्स्टेबल का आरोप है कि न सिर्फ आरआई, बल्कि उनकी पत्नी ने भी मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं।

23 अगस्त की यह घटना अब तब सुर्खियों में आई जब पीड़ित कॉन्स्टेबल राहुल चौहान का चोटों से भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में राहुल अपने हाथ, पैर, कमर और पीठ पर पड़े नीले निशान दिखा रहा है। मामला गंभीर होता देख बुधवार को राहुल ने अजाक थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।


देर रात सरकारी आवास पर बुलाकर की मारपीट

कॉन्स्टेबल राहुल चौहान ने बताया कि उसकी ड्यूटी आरआई सौरभ कुशवाहा के सरकारी आवास पर लगी थी। 23 अगस्त की रात 10 बजे तक वह ड्यूटी करके अपने क्वार्टर लौट आया था। इसी दौरान आरआई का पालतू डॉग गायब हो गया।

राहुल ने आरोप लगाया कि रात करीब 1:30 बजे आरआई ने फोन कर उसे तुरंत सरकारी आवास बुलाया। जैसे ही वह पहुंचा, आरआई ने कुत्ते के गायब होने पर गुस्सा जाहिर किया और उसे बेल्ट से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

इस दौरान आरआई की पत्नी भी वहीं मौजूद थीं। राहुल का कहना है कि उन्होंने भी चप्पल से मारा और जातिसूचक शब्द कहे। इतना ही नहीं, नौकरी से निकलवाने की धमकी तक दी।


20 घंटे बाद घर के पास मिला डॉग

आरआई का पालतू डॉग उसी दिन रात को गुम हुआ था। करीब 20 घंटे बाद, अगले दिन शाम को ही वह घर के पास मिल गया। लेकिन इस बीच कॉन्स्टेबल राहुल को मारपीट का शिकार होना पड़ा।


मेडिकल कराया गया, आरआई-पत्नी से होगी पूछताछ

शिकायत के बाद पुलिस ने कॉन्स्टेबल राहुल का मेडिकल परीक्षण कराया है। एसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरआई सौरभ कुशवाहा और उनकी पत्नी से पूछताछ की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।


जयस का धरना, सैकड़ों लोग पहुंचे थाने

घटना से नाराजगी जताते हुए जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन (जयस) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार दोपहर आजाक थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। देर शाम तक धरना जारी रहा। शाम 7:30 बजे तक 50 से ज्यादा लोग थाने के बाहर डटे रहे।

धरना दे रहे लोग आरआई और उनकी पत्नी पर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच खरगोन एसडीएम विजेंद्र कटारे भी प्रदर्शनकारियों से चर्चा करने पहुंचे, लेकिन लोग कार्रवाई के बिना धरना खत्म करने को तैयार नहीं हैं।


दूसरी ओर नरसिंहपुर में व्यापारी की पिटाई

इसी बीच नरसिंहपुर जिले के करेली से भी पुलिस ज्यादती का मामला सामने आया है। यहां एक व्यापारी को पुलिस जवानों ने लात-घूसों से पीटा और घसीटा। आरोप है कि थाना प्रभारी प्रियंका केवट से पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने जवानों से व्यापारी की पिटाई कराई और खुद वीडियो भी बनाया।

इस घटना पर व्यापारी संघ ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक मंडी बंद रहेगी।


निष्कर्ष

खरगोन और नरसिंहपुर की ये दोनों घटनाएं एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। एक ओर कुत्ते की गुमशुदगी को लेकर कॉन्स्टेबल की बेरहमी से पिटाई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल, तो दूसरी ओर व्यापारी की सार्वजनिक पिटाई – दोनों घटनाओं ने पुलिस महकमे की छवि को धक्का पहुंचाया है।

अब सवाल यह है कि क्या पुलिस विभाग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी महज जांच तक सीमित रह जाएगा?

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