इंदौर सिलेंडर ब्लास्ट हादसा: जाँच के घेरे में गैस रिफिलिंग, तीन लोग घायल, दुकान सील;

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इंदौर। शहर के द्वारकापुरी इलाके में गुरुवार दोपहर हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। 60 फीट रोड पर दीपक ट्रेडर्स नामक बर्तन की दुकान में रखे सिलेंडर में अचानक हुए विस्फोट से तीन लोग घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि दुकान का बोर्ड फट गया, दीवारें हिल गईं और कई सामान सड़क पर आकर बिखर गया।

दो मंजिला मकान में हुआ हादसा

यह घटना विनोद माखीजा के दो मंजिला मकान में हुई। इसी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर किराए से बंटी कसेरा की बर्तन की दुकान चल रही थी। बताया जा रहा है कि हादसा गैस रिफिलिंग के दौरान हुआ, हालांकि इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने मौके से चार से पांच सिलेंडर जब्त किए हैं और दुकान को सील कर दिया गया है।

घायलों की हालत

इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं। इनमें दीपक माखीजा, रोहित और सुनील शामिल हैं। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

  • रोहित ने बताया कि वह बर्तन जमा रहा था, तभी अचानक धमाका हुआ और वह बाहर जा गिरा।
  • सुनील पाल (16), जो साफ-सफाई कर रहा था, ने कहा कि धमाके के बाद उसके कान सुन्न हो गए। वह परिवार का इकलौता बेटा है और उसके पिता रिक्शा चलाते हैं।
  • तीसरे घायल दीपक माखीजा भी विस्फोट के समय मौके पर मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

दुकानदार जितेंद्र कसेरा ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि उनकी दुकान के पास गैस की टंकी फट गई है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पूरा बोर्ड फट चुका था और दुकान को भारी नुकसान हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान में गैस रिफिलिंग नहीं हो रही थी, बल्कि एक सिलेंडर रखा था। किसी ने उसमें से वॉशर निकालने की कोशिश की, जिससे टंकी फट गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

पुलिस और फोरेंसिक टीम की कार्रवाई

मौके पर एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल और फोरेंसिक टीम पहुंची। पुलिस ने दुकान से कई सिलेंडर बरामद कर लिए हैं। सभी को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। प्राथमिक जांच में विस्फोट की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

धमाके से दहशत

धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के कई लोग घबराकर बाहर निकल आए। विस्फोट के बाद दुकान के बाहर खड़े एक व्यक्ति को भी हल्की चोटें आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।


दूसरी ओर, राजगढ़ में भी सिलेंडर धमाके

उसी दिन राजगढ़ जिले के जीरापुर थाना क्षेत्र के गागोरनी गांव में भी बड़ा हादसा हुआ। एक कियोस्क सेंटर में आग लगने के बाद वहां रखे गैस सिलेंडरों में लगातार ब्लास्ट होने लगे। धमाके से आग की लपटें 100 फीट तक उठीं। सिलेंडर बम की तरह फटते रहे और आसपास का माहौल दहशत से भर गया।


बड़ा सवाल: नियमों की अनदेखी या लापरवाही?

इंदौर और राजगढ़ की घटनाएं गैस सिलेंडरों के असुरक्षित उपयोग और उनकी देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

  • क्या दुकानों में बिना अनुमति के सिलेंडर स्टोर किए जा रहे हैं?
  • क्या रिफिलिंग का अवैध कारोबार इन हादसों की वजह बन रहा है?
  • प्रशासन और स्थानीय पुलिस की निगरानी में कहां कमी रह गई?

फिलहाल इंदौर पुलिस ने दुकान सील कर दी है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

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