इंदौर और आसपास के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: 24 घंटे में आधा इंच बारिश दर्ज, सड़कों पर पानी-पानी;

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इंदौर। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इंदौर और आसपास के जिलों में गुरुवार शाम से शुरू हुई बारिश ने शहर का हाल बेहाल कर दिया। शुक्रवार को मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।


लगातार बरस रहे बादल

गुरुवार शाम को अचानक तेज बारिश हुई। देर रात तक रुक-रुककर रिमझिम का दौर चलता रहा। इस दौरान 13.8 मिमी यानी आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, सीजन की कुल बारिश अब तक 521.8 मिमी (20.5 इंच) तक पहुंच चुकी है। शुक्रवार सुबह से ही आसमान पर काले बादल छाए रहे, जिससे लोगों को दिनभर उमस और बरसात का सामना करना पड़ा।


जलभराव से बिगड़े हालात

बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। खासतौर पर पश्चिम क्षेत्र स्थित मेट्रो स्टेशन-6 के आसपास की सड़कें पानी में डूब गईं। यहां जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के चलते वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों के इंजन बंद हो गए। देर रात तक लोग पानी में धंसे वाहनों को धक्का लगाकर बाहर निकालते रहे।


मौसम विभाग का अलर्ट

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, इस समय प्रदेश में दो बड़े सिस्टम एक्टिव हैं।

  1. मानसून टर्फ (Monsoon Trough) – उत्तर से दक्षिण की ओर खिसककर मध्यप्रदेश से गुजर रहा है।
  2. लो-प्रेशर एरिया (Low Pressure Area) – बंगाल की खाड़ी से नमी खींचकर ला रहा है।

इन दोनों सिस्टम की वजह से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, धार, खरगोन, खंडवा और बड़वानी जिलों में अगले 3 से 4 दिनों तक तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।


किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों

जहां शहरी क्षेत्रों में बारिश जलभराव और यातायात बाधित होने का कारण बनी है, वहीं किसानों के लिए यह राहत की खबर है। सोयाबीन, मक्का और कपास की फसल को समय पर पानी मिल रहा है। हालांकि, लगातार भारी बारिश होने पर फसल में जलभराव की समस्या भी खड़ी हो सकती है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों से पानी की निकासी का इंतजाम रखें।


प्रशासन की चुनौतियां

बारिश से इंदौर नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल भी खुल गई है। कई जगहों पर नालियों की सफाई न होने से पानी सड़कों पर भर गया। मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण स्थलों पर भी जल निकासी की व्यवस्था न होने से हालात बिगड़े। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते थोड़ी सी तेज बारिश ने ही शहर को पानी-पानी कर दिया।


अगले 72 घंटे अहम

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 72 घंटे प्रदेश के लिए अहम हैं। तेज बारिश के कारण छोटे नालों और नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

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