भिंड कलेक्टर-विधायक विवाद: राजनीति और प्रशासन आमने-सामने

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भिंड जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच टकराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद गुरुवार को भी यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। अब विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वहीं राजस्व अधिकारियों ने कलेक्टर के समर्थन में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस तरह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।


विधायक का आरोप: “कलेक्टर ने की अभद्रता”

भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अपने पत्र में लिखा है कि वे किसानों को खाद उपलब्ध न होने की समस्या लेकर कलेक्टर निवास पर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि कलेक्टर ने उनकी बात को सुने बिना उंगली दिखाकर अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, विधायक का कहना है कि कलेक्टर ने उन पर रेत चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाकर उन्हें अपमानित करने और भड़काने की कोशिश की।

विधायक कुशवाह ने इस पत्र के जरिए विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि कलेक्टर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि को जनता की समस्याएं उठाने का अधिकार है, लेकिन कलेक्टर ने उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है।


प्रशासनिक तंत्र का पलटवार: “विधायक घुस आए बंगले में”

दूसरी ओर, राजस्व अधिकारियों ने इस मामले में कलेक्टर का समर्थन करते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। अपर कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में अधिकारियों ने लिखा कि विधायक नरेंद्र कुशवाह अपने समर्थकों के साथ बलपूर्वक कलेक्टर के सरकारी आवास में घुसे और अपमानजनक व्यवहार किया।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधायक के इस आचरण से पूरे प्रशासनिक तंत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। अधिकारी और कर्मचारी अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए।


बुधवार का घटनाक्रम: 3 घंटे तक चला प्रदर्शन

बुधवार सुबह विधायक कुशवाह समर्थकों के साथ कलेक्टर निवास पहुंचे और घेराव कर करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि जिले में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके अलावा उन्होंने कलेक्टर पर माइनिंग के अवैध नाके लगवाकर वसूली कराने का भी आरोप लगाया।

इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें कलेक्टर उंगली दिखाते हुए नजर आए और विधायक कुशवाह मुक्का तानते हुए दिखाई दिए। हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ अधिकारियों और प्रभारी मंत्री ने हस्तक्षेप किया और समझाइश के बाद तीन घंटे बाद यह प्रदर्शन समाप्त हो सका।


राजधानी भोपाल तक गूंजा विवाद

यह विवाद अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। गुरुवार को भिंड के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला और भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। हालांकि मंत्री शुक्ला ने इस मुलाकात को सामान्य बताया, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें भिंड की घटना पर भी चर्चा हुई।


अब आगे क्या?

भिंड का यह विवाद सिर्फ एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि राजनीति और प्रशासन की प्रतिष्ठा का टकराव बन गया है। एक ओर विधायक अपनी जनप्रतिनिधि की हैसियत में सम्मान की बात कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक तंत्र अपनी गरिमा और सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

अब देखना होगा कि विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं। क्या कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी या फिर विधायक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा? फिलहाल दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं, और पूरा मामला राज्य की राजनीति में हलचल मचाए हुए है।

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