डॉक्टरों के मुताबिक यह एक वायरल इंफेक्शन है, जो खासतौर पर 1 से 7 साल तक के बच्चों को प्रभावित करता है।
- यह बीमारी ज्यादातर जून से अक्टूबर के बीच ज्यादा देखने को मिलती है।
- लक्षण:
- हल्का बुखार
- गले में खराश
- मुंह के अंदर और जीभ पर दर्दनाक छाले
- हाथों और पैरों पर लाल चकत्ते या फफोले

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
हमीदिया अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश टिक्कस का कहना है कि –
👉 “यह वायरल संक्रमण उमस और गर्मी में ज्यादा फैलता है। रोजाना 10 से 20 छोटे बच्चे इसी बीमारी की शिकायत लेकर आ रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह 5-7 दिन में ठीक हो जाता है।”
बॉम्बे अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल अग्रवाल के अनुसार –
👉 “HFMD चिकनपॉक्स से अलग है। चिकनपॉक्स पहले छाती और पीठ से शुरू होता है, जबकि HFMD बच्चों के हाथ, पैर और मुंह पर दिखाई देता है। इस बीमारी में 2-3 दिन बुखार आता है और 5 से 7 दिन में बच्चा सामान्य हो जाता है।”
स्कूलों ने जारी की एडवाइजरी
शहर के कई प्राइवेट स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर अपील की है कि –
➡ “यह बीमारी संक्रामक है, इसलिए जिन बच्चों में लक्षण दिखाई दें, उन्हें स्कूल न भेजें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और बच्चों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाने से बचें।”
बचाव के उपाय
- बच्चों की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- बीमार बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर न ले जाएं।
- उन्हें ठंडा पानी और हल्का, मीठा भोजन दें, जिससे छालों में आराम मिले।
- यदि बुखार लगातार 3 दिन से ज्यादा रहे या बच्चे को खाने-पीने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
नतीजा
बार-बार मौसम में हो रहे बदलाव और उमस के कारण यह बीमारी बच्चों में तेजी से फैल रही है। अच्छी बात यह है कि यह बीमारी गंभीर नहीं होती और सामान्यत: एक हफ्ते में ठीक हो जाती है, लेकिन इसके फैलाव को रोकना अभिभावकों और स्कूलों की जिम्मेदारी है। सतर्कता और सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।