गोपनीय सूचना पर हुई कार्रवाई

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डीआरआई के असिस्टेंट डायरेक्टर उत्सव पाराशर को गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली से मुंबई जा रही ट्रेन में एक विदेशी महिला भारी मात्रा में नशे का जखीरा लेकर सफर कर रही है। सूचना के आधार पर टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ मिलकर भोपाल स्टेशन पर सटीक कार्रवाई की।

सुबह करीब 9:30 बजे, महिला को ट्रेन के एसी कोच से उतारकर उसके सामान की जांच की गई। तलाशी में उसके पास से उच्च गुणवत्ता की कोकीन और खतरनाक क्रिस्टल मेथ बरामद हुआ। महिला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह नशे की खेप मुंबई ले जा रही थी और उसका काम केवल सप्लाई चैन का हिस्सा बनकर खेप पहुंचाना था।


15 दिन में तीसरी बड़ी कामयाबी

पिछले पखवाड़े में भोपाल डीआरआई लगातार बड़ी कामयाबियां हासिल कर रही है।

  • 16 अगस्त को जगदीशपुर इलाके में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर लगभग 92 करोड़ रुपए कीमत का मेफेड्रोन जब्त किया गया।
  • 20 अगस्त को राजधानी और बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर एक साथ कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को पकड़ा गया और 24 करोड़ रुपए कीमत का हाइड्रोपोनिक वीड (विदेशी गांजा) बरामद किया गया।
  • और अब 28 अगस्त को युगांडा की महिला से चार करोड़ की कोकीन और क्रिस्टल मेथ जब्त हुई है।

इन लगातार कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि भोपाल नशा तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का नया ट्रांजिट पॉइंट बन चुका है।


बेहद खतरनाक है क्रिस्टल मेथ

बरामद क्रिस्टल मेथ (Methamphetamine) को आमतौर पर आइस या ग्लास कहा जाता है। यह एक सिंथेटिक ड्रग है जिसे लिथियम, एसिड और आयोडीन जैसे रसायनों से बनाया जाता है।

  • यह अन्य नशीले पदार्थों की तुलना में कहीं ज्यादा आदी बनाने वाला और घातक होता है।
  • इसे सिगरेट, इंजेक्शन या सूंघकर लिया जाता है।
  • शुरुआती सेवन से कृत्रिम ऊर्जा और जागरण का अनुभव होता है, लेकिन जल्दी ही यह अनिद्रा, मानसिक रोग, हृदय संबंधी बीमारियों और मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुंचाता है।
  • लंबे समय तक इसका सेवन करने वाले व्यक्ति का शरीर और दिमाग धीरे-धीरे पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं।

विदेशी नेटवर्क की पड़ताल शुरू

डीआरआई अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह खेप किसी अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की है, जिसमें अफ्रीकी देशों के तस्कर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

पूछताछ में महिला ने केवल अपना कूरियर रोल स्वीकार किया है, लेकिन पुलिस को शक है कि इसके पीछे एक बड़ा और संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। महिला से पूछताछ जारी है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।


मध्यप्रदेश के लिए बढ़ती चुनौती

पिछले दिनों की कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि ड्रग माफिया अब भोपाल सहित मध्यप्रदेश को सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां से खेप मुंबई, दिल्ली और अन्य महानगरों तक आसानी से भेजी जा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस नेटवर्क को समय रहते ध्वस्त नहीं किया गया तो यह प्रदेश की युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।

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