भोपाल/टीकमगढ़। राजधानी भोपाल की क्राइम ब्रांच ने रविवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने टीकमगढ़ जिले के रामगढ़ गांव में छापा मारकर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया। इस कार्रवाई में भोपाल क्राइम ब्रांच के साथ-साथ जतारा थाना पुलिस की टीम भी शामिल रही।

भोपाल में पकड़े गए आरोपी से मिला सुराग
जानकारी के अनुसार, भोपाल में बीते दिनों एक आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने यह हथियार टीकमगढ़ जिले से खरीदा है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अपने साथ लिया और रामगढ़ गांव में दबिश दी।
मिस्त्री के काम की आड़ में चल रहा था हथियारों का कारोबार
टीकमगढ़ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुरेंद्र उर्फ प्रिंस विश्वकर्मा, निवासी चंदेरी, के रूप में हुई है। प्रिंस पेशे से मिस्त्री है और गाड़ियों की बॉडी बनाने का काम करता है। इसी काम की आड़ में वह अवैध हथियारों का निर्माण कर उन्हें अपराधियों को सप्लाई करता था।
छापे की कार्रवाई प्रिंस के घर और रामगढ़ स्थित फैक्ट्री दोनों जगह एक साथ की गई। यहां से पुलिस ने कई अवैध फायर आर्म्स और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं।
अंशुल सिंह की निशानदेही पर खुलासा
इस मामले की जड़ तक जाने पर सामने आया कि कुछ दिन पहले पुलिस ने कुख्यात बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अंशुल ने बताया कि उसने यह पिस्टल प्रिंस से खरीदी थी।
यही नहीं, अंशुल ने यह भी स्वीकार किया कि उसने यह पिस्टल मछली परिवार के बदमाश यासीन अहमद उर्फ मिंटू को बेची थी। पुलिस ने जब मिंटू को पकड़ा तो उसके पास से भी देसी पिस्टल बरामद की गई। इसी कड़ी से सुराग मिला और रामगढ़ की हथियार फैक्ट्री का राज खुल गया।

क्राइम ब्रांच करेगी बड़ा खुलासा
भोपाल क्राइम ब्रांच ने फिलहाल प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह हथियार सप्लाई नेटवर्क कई जिलों तक फैला हो सकता है। पूरे मामले का विस्तृत खुलासा क्राइम ब्रांच सोमवार को करेगी।
अवैध हथियारों से अपराधी जगत को सप्लाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रिंस की फैक्ट्री से बनने वाले हथियार न केवल भोपाल बल्कि इंदौर, ग्वालियर और बुंदेलखंड इलाके तक सप्लाई किए जाते थे। छोटे-मोटे बदमाश से लेकर बड़े गैंग तक इन हथियारों का इस्तेमाल करते थे। यही वजह है कि भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में अपराधियों के पास लगातार देसी पिस्टल और कट्टे बरामद हो रहे थे।
निष्कर्ष
भोपाल क्राइम ब्रांच और टीकमगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से एक बड़े अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस ऑपरेशन से साफ हो गया कि अपराध जगत की जड़ें गांव-गांव तक फैली हुई हैं और अपराधी मासूम कामों की आड़ में घातक हथियार तैयार कर रहे हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।