सागर जिले के देवरी में नागपंचमी के दिन घटित एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। पांच महीने की गर्भवती महिला वंदना साहू की सुखचैन नदी में बहने से मौत हो गई। इस घटना को लेकर अब पुलिस ने उसके पति दशरथ साहू पर लापरवाही का केस दर्ज किया है।

हादसा कैसे हुआ?
29 जुलाई को नागपंचमी पर वंदना साहू (28), पति दशरथ साहू और ननद कविता साहू बाइक से रामघाट मंदिर दर्शन करने गए थे। लौटते वक्त तेज बारिश शुरू हो गई। परिवार सुखचैन नदी पर बने रपटे से निकल रहा था। उस समय नदी का पानी उफान पर था।
बाइक जैसे ही फिसली, वंदना संतुलन खो बैठी और तेज बहाव में नदी में गिर गई। देखते ही देखते वह लहरों के हवाले हो गई। पति और ननद कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वंदना गहरे पानी में समा गई।

दो दिन बाद मिला शव
सूचना मिलते ही देवरी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और एसडीईआरएफ ने तुरंत सर्चिंग शुरू की, लेकिन वंदना का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जबलपुर से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई।
लगातार तलाशी के बाद आखिरकार 31 जुलाई को पचासिया गांव के पास वंदना का शव मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सौंपा गया।

जांच में साबित हुई पति की लापरवाही
क्योंकि मामला नवविवाहिता की मौत और गर्भवती महिला से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने गहन जांच की। देवरी एसडीओपी शशिकांत सरयाम ने मायके वालों, ससुराल, पड़ोसियों और दोस्तों के बयान दर्ज किए।
घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया कि यह दुर्घटना पति दशरथ साहू की लापरवाही का नतीजा थी। नदी उफान पर होने के बावजूद उसने परिवार को बाइक पर लेकर रपटे से पार करने की कोशिश की। यही निर्णय वंदना की जिंदगी पर भारी पड़ा।
रविवार को पुलिस ने दशरथ साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

चार साल पहले हुई थी शादी
वंदना सानौधा थाना इलाके के एक गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी लगभग चार साल पहले दशरथ से हुई थी। दंपती की एक आठ महीने की बच्ची भी है। दुख की बात यह है कि हादसे के समय वंदना पांच महीने की गर्भवती थी।

गांव में मातम का माहौल
घटना के बाद वंदना के मायके और ससुराल दोनों जगह मातम छा गया। गांववालों का कहना है कि दशरथ को जोखिम उठाने के बजाय परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। अगर वह पानी उतरने का इंतजार कर लेता तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।