हिसार। पाकिस्तान और चीन की यात्राओं के बाद जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल याचिका पर आज हिसार की स्थानीय अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में पुलिस को अपना जवाब पेश करना है। ज्योति के वकील कुमार मुकेश का कहना है कि पुलिस ने 90 दिन की वैधानिक अवधि पूरी होने के बाद भी जांच पूरी नहीं की और अधूरी चार्जशीट दाखिल कर दी। ऐसे में आरोपी को डिफॉल्ट बेल का अधिकार प्राप्त है।

वकील ने लगाया गंभीर आरोप
ज्योति मल्होत्रा के वकील कुमार मुकेश ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस ने अब तक चालान रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध नहीं कराई है। 14 अगस्त तक जांच पूरी न होने की स्थिति में कानूनन 15 अगस्त को ही ज्योति को रिहा होना चाहिए था। उनका कहना है कि पुलिस ने चालान दाखिल करने में तीन बार एप्लिकेशन लगाकर देरी की और चार्जशीट अधूरी रहते हुए भी कोर्ट में पेश की।
वकील ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि यदि जांच पूरी किए बिना चार्जशीट दाखिल की जाती है तो आरोपी पक्ष को डिफॉल्ट बेल का अधिकार है। इसलिए ज्योति को तत्काल प्रभाव से रिहा किया जाना चाहिए।
गिरफ्तारी से अब तक का घटनाक्रम
हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को 15 मई 2024 को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 तथा आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और संवेदनशील जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
4 अगस्त को ज्योति को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई। अगली पेशी 18 अगस्त को तय की गई थी।

विदेश यात्राओं से बढ़ा शक
ज्योति एक ट्रैवल ब्लॉगर हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह पिछले साल दो महीने के भीतर पहले पाकिस्तान और फिर चीन गईं।
- 17 अप्रैल से 15 मई 2024 तक पाकिस्तान में रहीं।
- 10 जून से 9 जुलाई तक चीन में रही।
- इसके बाद 10 जुलाई को चीन से नेपाल के काठमांडू पहुंचीं।
पाकिस्तान प्रवास के दौरान ज्योति ने करतारपुर कॉरिडोर से प्रवेश किया और पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री तथा पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मुलाकात कर उनका इंटरव्यू भी किया। यही वजह थी कि सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान उन पर गया।

क्या है आज की सुनवाई का महत्व
आज होने वाली सुनवाई ज्योति मल्होत्रा के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। यदि कोर्ट पुलिस की अधूरी जांच को स्वीकार नहीं करती और वकील की दलीलों से सहमत होती है तो ज्योति को डिफॉल्ट बेल मिल सकती है। वहीं, यदि पुलिस ने संतोषजनक जवाब पेश किया तो उनकी रिहाई टल सकती है।